कॉमनवेल्थ से लौटे भारतीय खिलाड़ियों का स्वागत, अस्मिता बोलीं- जूडो को नई पहचान मिलेगी

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ियों का सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया। बॉक्सिंग, जूडो और पैरा स्पोर्ट्स के मेडल विजेताओं के स्वागत के लिए स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (SAI), भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) और संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघों के अधिकारी, कोच, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में प्रशंसक मौजूद रहे।

ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और तिरंगे के साथ खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया। खिलाड़ियों ने इस सफलता का श्रेय टीमवर्क और तैयारी को दिया तथा कहा कि अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में भी भारत के लिए अधिक से अधिक पदक जीतना है।

भारत का सबसे सफल खेल बॉक्सिंग रहा। 14 मुक्केबाजों के दल में से 10 खिलाड़ी मेडल जीतकर लौटे। इसमें 7 गोल्ड और 3 सिल्वर शामिल रहे। यानी 71% मेडल कन्वर्जन रेट। बर्मिंघम 2022 में यह आंकड़ा 58% था।

महिला 51 किग्रा वेट कैटेगरी की गोल्ड मेडलिस्ट साक्षी चौधरी ने कहा, ‘यह किसी सपने के सच होने जैसा है। आप सभी हमारा स्वागत करने आए, इससे बहुत अच्छा लग रहा है। बॉक्सिंग में भारत का यह अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। अब हमारा अगला लक्ष्य एशियन गेम्स हैं और हम उसकी तैयारी में जुटेंगे।’

प्रिया ने कहा, ‘यह मेरे करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। देश के लिए गोल्ड जीतकर बहुत खुशी हो रही है। अब मेरा पूरा फोकस एशियन गेम्स में भी भारत के लिए गोल्ड जीतने पर रहेगा।’

जैस्मिन लंबोरिया (बॉक्सिंग, गोल्ड)
जैस्मिन ने कहा, ‘मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मेरा परिवार और कोच यहां आए हैं। अब मेरा लक्ष्य आने वाली प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए और मेडल जीतना है।’

नरेंद्र बेरवाल (बॉक्सिंग, सिल्वर)
हेवीवेट बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने कहा, ‘पूरी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। यह मेरा पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था। मैंने पूरी तैयारी की थी, लेकिन गोल्ड नहीं जीत सका और सिल्वर से संतोष करना पड़ा। अब दो महीने बाद एशियन गेम्स हैं और वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।’

जूडो में भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ इतिहास में गोल्ड जीता। अस्मिता डे ने गोल्ड दिलाया। इसके कुछ मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीत लिया। यामिनी मौर्य ने सिल्वर और उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज जीतकर कुल चार मेडल दिलाए। हालांकि 14 सदस्यीय भारतीय टीम के दो खिलाड़ी अरुण कुमार और तुलिका मान डोपिंग के कारण बाहर हो गए।

अस्मिता डे ने कहा, ‘भारत ने पहली बार जूडो में दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। उम्मीद है कि इससे देश में जूडो को नई पहचान मिलेगी और ज्यादा बच्चे इस खेल से जुड़ेंगे।’

सोमन राणा (पैरा स्पोर्ट्स, गोल्ड)

सोमन राणा ने कहा, ‘यह मेडल सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे देश, आर्मी और मेरे राज्य का है। मुझे खुशी है कि अब पैरा स्पोर्ट्स को पहले की तुलना में ज्यादा पहचान मिल रही है। अब मेरा लक्ष्य एशियन गेम्स और पैरालंपिक में भी अच्छा प्रदर्शन करना है।’