छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों के लिए जरूरी खबर, जेट फ्यूल महंगा होने से इंडिगो की 7 प्रतिशत उड़ानें रद्द
आसमान में उड़ान भरना अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है। विमान ईंधन यानी ATF की बढ़ती कीमतों के कारण विमानन कंपनियों ने अपने हाथ खड़े करने शुरू कर दिए हैं। देश की दो बड़ी एयरलाइंस, इंडिगो और एयर इंडिया ने जून महीने में अपनी उड़ानों में भारी कटौती का फैसला किया है। इस फैसले का असर रायपुर सेक्टर पर भी देखने को मिल रहा है। आसमान छूती ईंधन की कीमतों ने एयरलाइंस कंपनियों का बजट बिगाड़ दिया है। यही वजह है कि जून महीने में एयर इंडिया और इंडिगो ने अपनी उड़ानों में कटौती करने का निर्णय लिया है। ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक एयर इंडिया एक हफ्ते में लगभग 4400 उड़ान संचालित करती है, जिसमें से करीब 22 प्रतिशत यानी लगभग 900 उड़ानें रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
इसी तरह इंडिगो ने भी 7 प्रतिशत उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया है। ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक कंपनियों ने यह निर्णय महंगे ATF के कारण लिया है, क्योंकि मौजूदा दर में उड़ानों का संचालन उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। एयरलाइंस कंपनियां अब खर्च कम करने के लिए उड़ानों की संख्या घटाने पर मजबूर हो गई हैं।
इस राष्ट्रव्यापी कटौती का असर छत्तीसगढ़ के रायपुर सेक्टर पर भी देखने को मिल रहा है। रायपुर से सफर करने वाले यात्रियों को अब कम विकल्प मिलेंगे और ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। एयर इंडिया ने रायपुर से दिल्ली जाने वाली अपनी एक फ्लाइट को अगले आदेश तक पूरी तरह से रद्द कर दिया है। वहीं इंडिगो ने भी अपनी उड़ानों के फेरे घटा दिए हैं। रायपुर से चलने वाली लखनऊ-भुवनेश्वर फ्लाइट अब हफ्ते में 7 दिन के बजाय सिर्फ 4 दिन उड़ान भरेगी। इसके अलावा पुणे-चेन्नई फ्लाइट को भी हफ्ते में 7 दिन की जगह महज 3 दिन चलाने का निर्णय लिया गया है। उड़ानें घटने और ईंधन महंगा होने का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। हवाई किराए जो पहले ही 20 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, अब उड़ानों की संख्या कम होने से बची हुई फ्लाइट्स की टिकटों की डिमांड बढ़ेगी, जिससे आने वाले दिनों में किराया और ज्यादा बढ़ने की आशंका है।
