इंदौर: सीवर की सफाई करने उतरे 2 कर्मचारियों की दम घुटने से मौत, CM ने किया 30-30 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

इंदौर के चोइथराम अस्पताल गेट के पास स्थित फल और सब्जी मंडी के सामने सीवर सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया. नगर निगम के दो कर्मचारी अंडरग्राउंड नाले में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से काल के गाल में समा गए. राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में ड्रेनेज चौक होने की शिकायत पर नगर निगम की टीम सक्शन मशीन के साथ पहुंची थी. सफाई के दौरान मशीन का पाइप टूटकर चैंबर में गिर गया. उसे निकालने के लिए पहले अजय डोडी पहले नीचे उतरा, लेकिन जहरीली गैस के कारण वह तुरंत बेहोश हो गया. अजय को बचाने के लिए करण यादव यादव चैंबर में उतरा, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आ गया. शक होने पर मशीन ड्राइवर भी नीचे उतरा और वह भी बेहोश हो गया, हालांकि उसे अन्य साथियों ने समय रहते बाहर निकाल लिया.

सूचना मिलने पर SDRF की टीम ने मास्क और सुरक्षा उपकरणों के साथ नाले में उतरकर दोनों के शवों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला.

मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने प्रशासन की लापरवाही पर तीखे सवाल उठाए हैं. आरोप है कि सफाई कर्मचारी बिना किसी ‘सेफ्टी किट’ या ऑक्सीजन मास्क के चैंबर में घुसे थे. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि घटना के 2 घंटे बाद तक न तो एंबुलेंस पहुंची और न ही पुलिस. राहगीरों ने ही शुरुआत में उन्हें बचाने का प्रयास किया.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 2023 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दोनों प्रभावित परिवारों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके.

डिप्टी कमिश्नर (DCP) ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और राजेंद्र नगर थाने में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है. इंदौर नगर निगम (IMC) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है, हालांकि सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता पर निगम की चुप्पी सवालों के घेरे में है.