ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईरान के हमले से हाहाकार, धधक रहा है लाखों लीटर कच्चा तेल

खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के साथ चल रहे युद्ध के बीच ईरान ने अब ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ड्रोन से हमला किया है। इस हमले में तेल के स्टोरेज टैंकों को निशाना बनाया गया है। इस घटना ने क्षेत्र में एक नया संकट पैदा कर दिया है, क्योंकि ओमान अब तक इस युद्ध में एक तटस्थ देश की भूमिका निभा रहा था। ओमान टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन हमलों ने सलालाह बंदरगाह पर स्थित तेल टैंकों को काफी नुकसान पहुंचाया है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने भी इस हमले की पुष्टि की है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी व्यापारिक जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा है। यह हमला ईरान द्वारा खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर किए जा रहे हमलों का हिस्सा माना जा रहा है।

इस हमले के बाद ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सैद ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से संपर्क किया। सुल्तान ने ओमान की धरती पर हुए इन हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और इसकी निंदा की। उन्होंने साफ किया कि ओमान युद्ध में किसी का पक्ष नहीं ले रहा है। सुल्तान ने कहा कि ओमान अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

यह हमला उस समय हुआ जब सुल्तान हैथम ने अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता बनने पर बधाई दी थी। ओमान की न्यूज एजेंसी के मुताबिक सुल्तान ने खामेनेई के चयन पर उन्हें शुभकामना संदेश भेजा था। ओमान लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करता रहा है। लेकिन पिछले 11 दिनों से जारी युद्ध के कारण अब यह कोशिशें कमजोर पड़ती दिख रही हैं।

सिर्फ ओमान ही नहीं बल्कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने जानकारी दी है कि तीन व्यापारिक जहाजों पर अज्ञात चीजों से हमला किया गया है। इस इलाके में लगातार हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान इन इलाकों में अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है।