ईरान में 5000 से ज्यादा मौतें, खामेनेई के देश में प्रदर्शनों का खौफनाक आंकड़ा, 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल
ईरान में दिसंबर के अंत से शुरू हुआ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन धीर-धीरे हिंसात्मक होते गया। आर्थिक बदहाली के विरोध में 28 दिसंबर को शुरू हुए ये प्रदर्शन केवल दो हफ्तों में सत्ता परिवर्तन और धार्मिक शासन के अंत की मांग तक पहुंच गया। एक ईरानी अधिकारी के अनुसार, अब तक कम से कम 5,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें लगभग 500 सुरक्षा बल के जवान शामिल है। यह 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद की सबसे घातक अशांति मानी जा रही है। सरकार ने हिंसा के लिए आतंकवादी और हथियारबंद दंगाइयों को दोषी ठहराया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के हस्तक्षेप की चेतावनी दी है, अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या और सामूहिक फांसी जारी रही।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में तेहरान ने फांसी की कुछ कार्रवाइयों को रोक दिया है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। ईरानी न्यायपालिका ने भी मोहरेब यानी मौत के काबिल अपराध में शामिल कुछ कृत्यों पर फांसी की संभावना जताई है। ट्रंप ने नए नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि खामेनेई ने अमरीका और इजरायल पर हिंसा की साजिश लगाने का आरोप लगाया है।
ईरान में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें ट्रंप से उम्मीद थी कि वह उनके लिए मददगार साबित होंगे, लेकिन अब ट्रंप के रुख में बदलाव आ गया है, इससे वह अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ट्रंप ने जो कहा और बाद में जो किया, उनके बीच बहुत बड़ा फर्क था। देश छोड़ गए एक ईरानी ने कहा कि ट्रंप ने हमें धोखा दिया और बेवकूफ बनाया।
