ISI और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कराची से देश को दहलाने की रच रहा था साजिश, स्पेशल सेल के 5 खुलासे

दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. स्पेशल सीपी (स्पेशल सेल) अनिल शुक्ला और एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके बारे में खुलासा किया है. अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम देश को दहलाने की साजिश रच रहा था. आतंकी मॉड्यूल के नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आतंकियों के निशाने पर मुंबई और दिल्ली थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आतंकियों ने दिल्ली और मुंबई के कई अहम और संवेदनशील ठिकानों की बाकायदा रेकी कर ली थी. मुंबई में दादर ब्रिज पार्क जैसी व्यस्त जगहों पर रेकी की गई थी. इनका मुख्य मकसद दिल्ली-मुंबई में बड़े धमाके करना और देश की पुलिस फोर्स के जवानों को सीधे तौर पर अपना निशाना बनाना था.इस खौफनाक आतंकी साजिश का पूरा खाका पाकिस्तान से तैयार किया जा रहा था. इस ऑपरेशन का हेड अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन पर जानलेवा हमला करने वाला कुख्यात शूटर मुन्ना झिंगाड़ा था. वह कराची में बैठकर आईएसआई (ISI) के इशारे पर इस पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था.

पूछताछ में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि आतंकियों ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहलाने का पूरा प्लान बना लिया था. इसके लिए उन्होंने बाकायदा मुंबई के दादर ब्रिज पार्क समेत दिल्ली के कई अहम और भीड़भाड़ वाले ठिकानों की रेकी (Recce) भी कर ली थी.
आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विदेशी हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं. सबसे बड़ा खुलासा यह है कि इनके पास से 4 ऐसे हैंड ग्रेनेड मिले हैं, जिन पर ‘पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री’ की मुहर है. इससे पाकिस्तान की सीधी संलिप्तता साबित होती है. इन ग्रेनेड्स को NSG ने महरौली इलाके में ले जाकर नष्ट किया.

आम जनता और अहम ठिकानों के अलावा, इन आतंकियों का एक बड़ा और खतरनाक मकसद देश की पुलिस फोर्स पर हमला करना था. स्पेशल सेल की जांच में साफ हुआ है कि ये आतंकी जानबूझकर पुलिस और सुरक्षाबलों के जवानों को निशाना बनाने की फिराक में थे.
जांच में सामने आया है कि यह कोई आम आतंकी मॉड्यूल नहीं था, बल्कि इसमें तीन अलग-अलग सिंडिकेट एक साथ काम कर रहे थे. इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) रणनीतिक मास्टरमाइंड थी, दाऊद इब्राहिम का अंडरवर्ल्ड नेटवर्क इसे जमीन पर उतार रहा था, और लॉजिस्टिक सपोर्ट व घुसपैठ के लिए एक ‘नेपाली नेटवर्क’ का इस्तेमाल किया जा रहा था.