महाराष्ट्र के चंद्रपुर में आसमान से गिरी वस्तुओं का निरीक्षण करेंगे इसरो के वैज्ञानिक

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नयी दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों का एक दल उन वस्तुओं का निरीक्षण करने के लिए महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले का दौरा करने वाला है, जो पिछले सप्ताह मध्य भारत के कुछ हिस्सों में रात में आसमान से गिरी थीं। माना जाता है कि ये वस्तुएं बूस्टर रॉकेट का अवशेष हैं।

चंद्रपुर के जिलाधिकारी ने पवनपुर गांव में एक खुले मैदान में मिली धातु की वलयाकार और सिलेंडरनुमा वस्तु की जांच के लिए इसरो से संपर्क किया था, जिसके बाद अंतरिक्ष एजेंसी ने ‘‘निरीक्षण और आगे की वैज्ञानिक जांच’’ के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम को भेजने का फैसला किया। अंतरिक्ष एजेंसी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘जिला प्रशासन के अनुरोध के अनुसार, इसरो के वैज्ञानिकों का एक दल निरीक्षण और आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए पवनपुर का दौरा कर रहा है।’’

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दो अप्रैल को उत्तरी महाराष्ट्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में आसमान से गिरती अज्ञात जलती हुई वस्तुओं के वीडियो और तस्वीरें पोस्ट की थीं। विशेषज्ञों ने अनुमान जताया कि वे या तो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले उल्कापिंड हो सकते हैं या रॉकेट बूस्टर के टुकड़े हो सकते हैं जो उपग्रह प्रक्षेपण के बाद धरती पर गिर जाते हैं।

पूर्वी महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने कहा कि सिंधेवाही तहसील के लाडबोरी गांव में शाम करीब पौने आठ बजे ‘‘एल्यूमीनियम और स्टील की वस्तु’’ गिरी थी। इस तरह के दृश्य महाराष्ट्र के बुलढाणा, अकोला और जलगांव जिलों में शाम साढ़े सात बजे के आसपास और पड़ोसी मध्य प्रदेश के बड़वानी, भोपाल, इंदौर, बैतूल और धार जिलों में भी देखे गए थे।

इससे पहले, कलाम अंतरिक्ष एवं विज्ञान केंद्र के निदेशक श्रीनिवास औंधकर ने कहा था कि वस्तुएं रॉकेट लैब इलेक्ट्रॉन लॉन्चर के रॉकेट बूस्टर का हिस्सा हो सकती हैं, जिसने शनिवार को अमेरिका स्थित फर्म ब्लैकस्काई के उपग्रह को कक्षा में स्थापित किया था।