जांजगीर में रूह कंपा देने वाली घटना: दो मासूम बेटों को जहर देने के बाद पिता ने की आत्महत्या

जांजगीर : नैला चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिरकोनी में घरेलू विवाद और पारिवारिक तनाव के बीच एक युवक ने अपने दो मासूम बेटों के साथ आत्मघाती कदम उठा लिया। बेटों को जहर देकर खुद भी सेवन कर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह को घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार ग्राम बिरकोनी निवासी रमेश कुमार पटेल (35) अपनी पत्नी मंगली बाई (28), दो पुत्र आदर्श (3 वर्ष) और अभिनव (2 वर्ष) तथा पुत्री आरुषि (6 वर्ष) के साथ रहता था। बताया जा रहा है कि रमेश को शराब पीने की आदत थी, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। करीब चार पांच दिन पहले दोनों के बीच फिर विवाद हुआ था। इसके बाद मंगली बाई अपनी बेटी आरुषि को लेकर अपने मायके सोंठी बम्हनीडीह चली गई, जबकि दोनों छोटे बेटे पिता के साथ घर पर ही रह गए।

स्वजन के अनुसार 16 जून को रमेश अपनी पत्नी को वापस लाने उसके मायके पहुंचा था, लेकिन पत्नी ने उसके साथ लौटने से मना कर दिया। पत्नी के इंकार के बाद रमेश मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया। बुधवार सुबह रमेश के पिता परदेशी पटेल धान कुटवाने ग्राम कटनई गया हुआ था। इसी दौरान ग्रामीणों ने सूचना दी कि रमेश और उसके दोनों बच्चे घर में मृत अवस्था में पड़े हैं। सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। वहीं परिवार के सदस्यों को रो रो कर बुरा हाल है।

घटना की सूचना मिलते ही नैला पुलिस, फारेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी जांजगीर सीएसपी योगिताबाली खापर्डे मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पहले बच्चों को कोई जहरीला पदार्थ दिया होगा और बाद में पिता ने भी उसका सेवन कर लिया। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फारेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। घटनास्थल से जहरीले पदार्थ की पुड़िया भी बरामद की गई है। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है।

इस दर्दनाक घटना ने गांव के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों की आंखों में एक ही सवाल तैर रहा है कि आखिर उन मासूम बच्चों का क्या दोष था, जिन्हें जीवन को ठीक से देखने और समझने का अवसर भी नहीं मिला। एक पारिवारिक विवाद ने जहां एक मां से उसका सुहाग और दो बेटे छीन लिए, वहीं बिरकोनी गांव से तीन जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गईं। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव स्वजन को सौंप दिया गया। शाम के समय तीनों का अंतिम संस्कार गमगीन मौहाल में एक ही चिता में किया गया। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।