‘कब्र खुदेगी…’ वाले नारे को लेकर JNU फिर विवादों में, ABVP ने बताया हिंदू विरोधी मानसिकता
दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर से विवादों में है. यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों साबरमती हॉस्टल के बाहर देर रात छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाने के आरोप लगे हैं. वायरल हुए 35 सेकंड के वीडियो में ‘मोदी-शाह की कब्र खुदेगी जेएनयू की धरती पर’ जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं. यह प्रोटेस्ट कोर्ट के एक हालिया फैसले और 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुए हमले की छठी बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था. फिलहाल दिल्ली पुलिस को इस मामले में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है. JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने आजतक से बातचीत में कहा, “यह कोई विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि 5 जनवरी की हिंसा की याद में सभा थी. नारे उस ‘फासीवादी विचारधारा’ के खिलाफ हैं, जिसके लिए पीएम और गृह मंत्री जिम्मेदार हैं.” वहीं, SFI की उपाध्यक्ष गोपिका ने नारेबाजी को जायज ठहराते हुए कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुत्व की विचारधारा के खिलाफ हैं.
ABVP जेएनयू के अध्यक्ष ने इस नारेबाजी की कड़ी निंदा की है और दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है. उन्होंने कहा कि नारे लगाने वालों की मानसिकता हिंदू धर्म के प्रति नफरत से भरी है. सोशल मीडिया पर ABVP ने इसे ‘एंटी इंडिया थॉट’ और ‘इंटेलेक्चुअल टेररिज्म’ करार दिया है. ABVP उपाध्यक्ष मनीष और छात्र गौतम ने दावा किया कि ये नारे उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में लगाए गए थे.
जेएनयू में 5 जनवरी 2020 को नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था, लेकिन 6 साल बाद भी हमलावर पकड़े नहीं गए हैं. छात्रों ने इस पर सवाल उठाया है. जेएनयू के छात्र इस दिन को ‘क्रूर हमले’ के रूप में मनाते हैं. इसके साथ ही हाल ही में आए एक कोर्ट के फैसले को लेकर भी छात्रों में नाराजगी थी, जिसे लेकर साबरमती हॉस्टल के बाहर चर्चा और नारेबाजी की गई.
