कर्नाटक के DGP लेवल के अधिकारी रामचंद्र राव सस्पेंड, अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन
कर्नाटक पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) को सस्पेंड कर दिया गया है। सोमवार (19 जनवरी) को उनका एक अश्लील वीडियो सामने आया था, जिसके बाद सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। वायरल वीडियो में DGP के. रामचंद्र राव कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद CM सिद्धरमैया ने कहा था कि अगर अधिकारी दोषी पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। वीडियो वायरल होने के बाद DGP गृह मंत्री जी परमेश्वर से मिलने पहुंचे लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। गृहमंत्री के घर से निकलने के बाद DGP ने पत्रकारों से कहा था कि वीडियो झूठा और मॉर्फ्ड है। उन्होंने कहा कि आगे के एक्शन के बारे में वकील से बात करेंगे।
सस्पेंशन ऑर्डर में क्या लिखा
राव ने अश्लील तरीके से काम किया है। एक सरकारी अधिकारी के लिए यह ठीक नहीं है और सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण भी है। राव का व्यवहार नियमों का उल्लंघन है।
राज्य सरकार पहली नजर में इस बात से संतुष्ट है कि DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) डॉ. के. रामचंद्र राव को तुरंत प्रभाव से, जांच पेंडिंग रहने तक सस्पेंड करना जरूरी है।
सस्पेंशन के दौरान, राव राज्य सरकार की लिखित इजाजत के बिना किसी भी हालत में हेडक्वार्टर नहीं छोड़ सकते।
मंत्री के घर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए DGP ने कहा था कि मैं भी सोच रहा हूं कि यह कैसे और कब हुआ और किसने किया। इस जमाने में कुछ भी हो सकता है। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। पत्रकारों ने पूछा कि क्या यह पुराना वीडियो है, तो उन्होंने कहा- पुराना मतलब, आठ साल पहले जब मैं बेलगावी में था। उन्होंने आगे कहा कि वह गृह मंत्री को समझाएंगे कि गलत जानकारी फैलाई जा रही है। कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर ने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो सरकार कार्रवाई करेगी।
सीनियर बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री एस सुरेश कुमार ने कहा कि पुलिस अधिकारी का ये शर्मनाक काम माफ ना करने लायक अपराध है। कुमार ने कहा- राव ने ऐसा काम किया है जिससे पूरे पुलिस विभाग पर दाग लगा है। इस सीनियर अधिकारी ने वर्दी में और अपने ही ऑफिस में जो काम किया है, उससे लोग पुलिस विभाग को ही शक की नजर से देख रहे हैं।
