85 साल के दिग्गज डायरेक्टर के. राजन ने की खुदकुशी, तमिल सिनेमा में पसरा मातम
तमिल सिनेमा के मशहूर फिल्ममेकर, निर्देशक और अभिनेता के. राजन की अचानक हुई मौत से पूरी फिल्म इंडस्ट्री गहरे सदमे में है. 85 साल की उम्र में उन्होंने चेन्नई के अड्यार में कूवम नदी में कूदकर अपनी जान दे दी. वे पिछले कुछ समय से अपने परिवार से दूर अकेले ही रह रहे थे. हादसे वाले दिन वे वाशरमैनपेट से अपनी कार में ड्राइवर के साथ निकले थे. जब उनकी गाड़ी अड्यार नदी के पास बने पुल पर पहुंची, तो उन्होंने ड्राइवर को गाड़ी रोकने को कहा और यह कहकर नीचे उतर गए कि वे थोड़ी देर टहलना चाहते हैं. इसके ठीक बाद, उन्होंने अचानक पुल से नदी में छलांग लगा दी. मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने उनका शव बरामद किया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस अब उनके ड्राइवर से पूछताछ करके मामले की बारीकी से जांच कर रही है कि क्या नदी में कूदने से पहले उनकी ड्राइवर से कोई बातचीत हुई थी या वे किसी बात को लेकर परेशान थे.
के. राजन तमिल फिल्म जगत का एक ऐसा चेहरा थे, जो हमेशा किसी न किसी वजह से चर्चा में बने रहते थे. उन्होंने साल 1983 में आई फिल्म ‘ब्रह्मचारीगल’ से बतौर निर्माता अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी. इसके बाद, उन्होंने कई फिल्मों का निर्माण और निर्देशन करने के साथ-साथ अभिनय में भी हाथ आजमाया. वे सिर्फ कैमरे के पीछे या आगे ही एक्टिव नहीं थे, बल्कि तमिल सिनेमा के गलियारों में उनकी एक मजबूत आवाज थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वे प्रोड्यूसर्स काउंसिल के चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और जब भी फिल्म इंडस्ट्री में कोई विवाद या समस्या खड़ी होती थी, तो वे सुलह-समझौता कराने और बातचीत का रास्ता निकालने के लिए हमेशा आगे रहते थे.
फिल्म जगत में के. राजन अपनी बेबाकी और विवादास्पद बयानों के लिए भी खूब जाना जाता था. वे किसी भी मुद्दे पर अपनी बात खुलकर और बिना डरे रखते थे, जिसके चलते कई बार वे विवादों के घेरे में भी आ जाते थे. ऐसे जिंदादिल और बेबाक इंसान का इस तरह दुनिया छोड़ जाना हर किसी को हैरान कर रहा है. उनके अकेलेपन और इस आत्मघाती कदम के पीछे की असली वजह क्या थी, यह तो पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा, लेकिन उनके जाने से तमिल सिनेमा ने अपना एक बेहद मुखर और अनुभवी दिग्गज खो दिया है.
