लालू परिवार को दिल्ली कोर्ट से राहत, लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय करने का आदेश टला
जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में बिहार के पूर्व सीएम और राजद (राष्ट्रीय जनता दल) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार को गुरूवार को राहत मिली है। दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना आदेश फिलहाल स्थगित कर दिया है। अदालत ने मामले में शामिल सभी आरोपितों की वर्तमान स्थिति की पुष्टि करने के लिए सीबीआइ से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, क्योंकि कार्यवाही के दौरान कुछ आरोपितों की मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले में कुल 103 लोगों को आरोपित बनाया था, लेकिन इनमें से चार आरोपियों का कार्यवाही के दौरान निधन हो गया।
इसी कारण अदालत ने जांच एजेंसी को प्रत्येक आरोपित की स्थिति की दोबारा जांच कर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होगी।
इससे पहले, 10 नवंबर 2025 को पिछली सुनवाई के दौरान दिल्ली की कोर्ट ने इस मामले में आरोप तय करने पर, अपना आदेश 4 दिसंबर तक टाल दिया था। इस कथित घोटाले में आरजेडी प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के कई सदस्य और दूसरे लोग शामिल हैं। सीबीआई ने कथित स्कैम के सिलसिले में लालू यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे और बिहार के पूर्व डिप्टी CM तेजस्वी यादव और दूसरे लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है।
