इजरायल के हमले से सहमा लेबनान, 7 चौकियों से पीछे हटी सेना… उधर तेहरान में US ने गिराए बम

अमेरिका-इजरायल के द्वारा ईरान पर ज्वाइंट अटैक के बाद पूरी मिडिल ईस्ट जंग की चपेट में आ चुका है. दोनों तरफ से भीषण हमले लगातार जारी हैं. ईरान भी कई अरब देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है, जिससे पूरे खित्ते में टकराव बढ़ता जा रहा है. अब इस जंग में यूरोप के तीन बड़े देशों- ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की एंट्री हो गई. इन तीनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि वो इस युद्ध में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का साथ देने के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही, चीन ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वह ईरान के हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है. ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भी अपने तेवर से बता दिया है कि वह रुकने वाला नहीं है. मिडिल ईस्ट के देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं, जबकि कई मुल्कों ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने को कहा गया है.

सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिका का सैन्य ऑपरेशन जारी है. ईरान परमाणु हथियारों की अपनी जिद पर अड़ा हुआ था. इस वजह से अमेरिका पूरी तरह से अलर्ट था. इनके पास अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलें थी. लेकिन मैं ऐसा नहीं होने दूंगा. बीते 47 साल में यह ईरानी सरकार अमेरिकियों पर हमला करती रही है. इस शैतानी सरकार पर हमला करने का ये हमारा आखिरी मौका था.”

US स्टेट डिपार्टमेंट ने यूनाइटेड अरब अमीरात में अपनी सुविधाओं से गैर-इमरजेंसी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को निकालने का आदेश दिया है. इसी तरह के आदेश पहले बहरीन, जॉर्डन, इराक, कतर और कुवैत के लिए जारी किए गए थे.

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “चीन ईरान की सॉवरेनिटी, सिक्योरिटी, टेरिटोरियल इंटीग्रिटी और नेशनल डिग्निटी की सुरक्षा में उसका सपोर्ट करता है, और ईरान के लेजीटिमेट और लीगल अधिकारों और हितों को बनाए रखने में उसका सपोर्ट करता है. चीन ने U.S. और इज़राइल से तुरंत मिलिट्री ऑपरेशन बंद करने, टेंशन को और बढ़ने से रोकने और लड़ाई को पूरे मिडिल ईस्ट में फैलने और फैलने से रोकने की अपील की है.”