जयपुर में मंत्री के बंगले और स्कूल में घुसा लेपर्ड, बच्चे क्लासरूम में बंद, परिसर में तलाशी अभियान शुरू
राजस्थान : जयपुर के VVIP इलाके सिविल लाइंस में आज गुरुवार सुबह लेपर्ड पहुंच गया। लेपर्ड सुबह करीब 9 बजे सबसे पहले लेन नंबर 6 पर बने एक घर में घुसा। फिर लेपर्ड जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के सरकारी बंगले में देखा गया। और कुछ ही देर बाद सामने स्थित टाइनी ब्लॉसम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रवेश कर गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बच्चों को सुरक्षित रखते हुए क्लासरूम में बंद कर दिया गया। सिविल लाइंस वह इलाका है जहां मुख्यमंत्री आवास, राजभवन, कई मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी निवास स्थित हैं। ऐसे अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र में लेपर्ड का पहुंच जाना वन विभाग और सुरक्षा एजेंसियों दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
सुबह सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मंत्री रावत के बंगले पर पहुंची, जहां पैंथर के स्पष्ट पगमार्क मिले। टीम ने तुरंत पूरे परिसर में तलाशी अभियान शुरू किया। इसके साथ ही आसपास के सभी सरकारी आवासों को भी सर्च सर्कल में जोड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार लेपर्ड किसी भी सुरक्षित कोने में छिपा हो सकता है, इसलिए तलाशी बेहद सावधानी से की जा रही है। टीम का प्राथमिक लक्ष्य लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ना है, ताकि किसी भी तरह की जान-माल की हानि न हो।
मंत्री के घर से निकलकर लेपर्ड कैसे और कब स्कूल में पहुंचा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन जैसे ही टाइनी ब्लॉसम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उसकी एंट्री देखी गई, स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को कक्षाओं में सुरक्षित बंद कर दिया। स्कूल परिसर के बाहर पुलिस और वन विभाग ने घेराबंदी कर ली। अभिभावकों को नियंत्रित तरीके से सूचना दी गई ताकि कोई अफरा-तफरी न फैले।
Latest Update : जयपुर में मंत्री सुरेश रावत के बंगले में घुसा लेपर्ड:वन विभाग की टीम को पगमार्क मिले, VVIP इलाके में शुरू किया सर्च ऑपरेशन pic.twitter.com/r2VNo3sUMS
— Awaz Rajasthan Ki Ajmer (@Vijayparashar07) November 20, 2025
स्थानीय निवासी ने बताया कि लेपर्ड पहले मंत्री के मुख्य आवास में घुसा और फिर उससे सटे दूसरे सरकारी बंगले में पहुंच गया। इसके बाद वह 4 नंबर डिस्पेंसरी की ओर निकल गया। लगातार मूवमेंट के कारण टीमों के लिए उसका सटीक लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है। इस बीच, राजभवन के पास हरिमार्ग तक भी लेपर्ड के मूवमेंट की पुष्टि हो चुकी है। सिविल लाइंस जैसे VVIP इलाके में इतनी तेज़ी से लोकेशन बदलता हुआ तेंदुआ सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी है और सड़कें आंशिक रूप से ब्लॉक कर दी गई हैं।
जयपुर में पिछले कुछ वर्षों से लेपर्ड की मूवमेंट लगातार बढ़ी है। 21 अगस्त को गोपालपुरा मोड़ के पास भी लेपर्ड देखा गया था। इससे पहले दुर्गापुरा, जयसिंहपुरा, विद्याधर नगर, जगतपुरा, खो-नागोरियान जैसे कई क्षेत्रों में लेपर्ड की मौजूदगी का फुटेज सामने आ चुका है। वन विभाग इन घटनाओं की मुख्य वजह जंगलों के आसपास भोजन की कमी और तेज़ी से बढ़ता शहरी विस्तार बता चुका है।
वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सिविल लाइंस के बड़े हिस्से को घेर लिया है। कई टीमों को अलग-अलग दिशा में लगाया गया है ताकि लेपर्ड को ट्रैक कर ट्रेंकुलाइज किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जानवर के आक्रामक या उत्तेजित होने की कोई संभावना नहीं दिखी है, लेकिन उसकी अनिश्चित मूवमेंट उसे खतरनाक बना सकती है।
