सरगुजा में आकाशीय बिजली का कहर, दो बच्चों की मौत
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। लुंड्रा थाना क्षेत्र के नागम बांसपारा गांव में बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े चार बच्चे बिजली की चपेट में आ गए। हादसे में दो बच्चों की जान चली गई, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घायल दोनों बच्चों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, नागम गांव के संदीप नगेसिया (11), रोशन पनिका (12), प्रभु राम नगेसिया (12) और दिनेश नगेसिया (11) शुक्रवार शाम गांव में खेलने के लिए निकले थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए चारों बच्चे ग्राम पंचायत नागम के पास सड़क किनारे लगे एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। बच्चों को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में यही जगह उनके लिए जानलेवा साबित हो जाएगी।
बारिश के बीच अचानक तेज गर्जना हुई और आकाशीय बिजली सीधे उस पेड़ पर गिर गई, जिसके नीचे चारों बच्चे खड़े थे। बिजली की चपेट में आने से सभी बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हादसे में संदीप और रोशन की मौत हो गई। वहीं प्रभु राम और दिनेश गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
हादसे में घायल प्रभु राम और दिनेश आपस में सगे भाई बताए जा रहे हैं। दोनों को सबसे पहले धौरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं संदीप और रोशन को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, आकाशीय बिजली गिरने के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां चारों बच्चे अचेत और झुलसी हालत में मिले। ग्रामीणों की मदद से बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दो बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय बच्चों के पास मोबाइल फोन भी मौजूद था। हालांकि, आकाशीय बिजली उसी स्थान पर क्यों गिरी, इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस और प्रशासन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं।
मानसून के मौसम में गरज-चमक के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना बेहद खतरनाक हो सकता है। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे और ऊंची जगहों से दूरी बनानी चाहिए।
बारिश के दौरान संभव हो तो किसी सुरक्षित पक्की इमारत या बंद वाहन के अंदर शरण लेनी चाहिए। मौसम खराब होने और बिजली चमकने की स्थिति में खुले स्थानों पर रुकने से बचना जरूरी है।
