CG : पूरे प्रदेश में जमकर छलकी शराब , कोरिया, जगदलपुर, बलरामपुर ने तोड़ा रिकॉर्ड
छत्तीसगढ़ में चालू वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2025 से लेकर 2 मार्च 2026 की अवधि में राज्य में जमकर शराब छलकी है। खास बात ये है कि यह स्थिति इस साल होली के दोदिन पहले तक की है। 3 मार्च को होली के दिन के आंकड़े इसमें शामिल नहीं है, इसके बावजूद पिछले साल के मुकाबले अब तक की बिक्री में 7.9 प्रतिशत का उछाल आया है और लक्ष्य 11 हजार 658 करोड़ का राजस्व भी सरकार को मिल चुका है। इस वित्तीय वर्ष में 12 हजार करोड़ राजस्व का लक्ष्य बस जल्द ही पूरा होने को है।
छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री के ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य सरकार को शराब से राजस्व के रूप में एक बड़ी राशि मिल रही है। प्रदेश में पीने-पिलाने के शौकीनों की संख्या भी राजस्व के अनुपात में तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में आबकारी राजस्व एक प्रमुख घटक बनता जा रहा है। छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री और खपत का आलम ये है कि यहां के 33 जिलों में से 31 जिलों में पिछले साल के मुकाबले इस बार बिक्री अधिक रही है, अपवाद के रूप में केवल दो जिलों में बिक्री का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले आंशिक रूप से कम हुआ है।
अब अगर बात करें शराब से सरकार को मिलने वाले राजस्व की, तो इस वित्तीय वर्ष में आबकारी अमला 12 हजार करोड़ का राजस्व जमा करने के करीब पहुंच गया है। इस लक्ष्य के मुकाबले विभाग अब तक 11 हजार 658 करोड़ का राजस्व जुटा चुका है। अभी मार्च का महीना समाप्त होने में तीन हफ्ते का समय बको है। इसमें होली के दिन यानी 3 मार्च को राज्य में हुई शराब बिकी का आंकड़ा शामिल नहीं है। इस हिसाब से देखा जाए तो 12 हजार करोड़ का राजस्व सरकार के खजाने में आना तय दिख रहा है. साथ ही लक्ष्य से अधिक राजस्व की प्राप्ति भी संभव है। पिछले वित्तीय वर्ष में 2 मार्च 2025 की स्थिति में 10 हजार 802 करोड़ का राजस्व मिला था। इस साल 2 मार्च तक की स्थिति में सरकार को पिछले साल के मुकाबले 79 प्रतिशत अधिक राजस्व मिल चुका है।
राज्य में पिछले साल के मुकाबले इस साल शराब की सबसे अधिक बिकी जगदलपुर में 33.9 प्रतिशत अधिक रही है। इसके बाद बलरामपुर 295 प्रतिशत सुकमा में 31.3 प्रतिशत, कोरिया में यह बढ़त का आंकड़ा 357 प्रतिशत तक बढ़ा है।
