लखनऊ ने बनायी जीत की हैट्रिक…

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क्विंटन डिकॉक की मुश्किल पिच पर खेली गयी 80 रन की पारी की मदद से लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुरुवार को यहां दिल्ली कैपिटल्स को छह विकेट से हराकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की।
डिकॉक ने 52 गेंदों का सामना किया तथा नौ चौके और दो छक्के लगाये। उन्होंने कप्तान केएल राहुल (25 गेंदों पर 24 रन) के साथ पहले विकेट के लिये 73 रन की साझेदारी की। आखिर में क्रुणाल पंड्या (14 गेंदों पर नाबाद 19) और आयुष बडोनी (तीन गेंदों पर नाबाद 10) ने टीम का स्कोर चार विकेट 155 रन पर पहुंचाया। बडोनी ने विजयी छक्का लगाया।

इससे पहले दिल्ली बल्लेबाजी के लिये आमंत्रित किये जाने के बाद तीन विकेट पर 149 रन ही बना पाया। सलामी बल्लेबाज पृथ्वी सॉव ने 34 गेंदों पर 61 रन बनाये जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल हैं। कप्तान ऋषभ पंत (36 गेंदों पर नाबाद 39 रन, तीन चौके, दो छक्के) और सरफराज खान (28 गेंदों पर नाबाद 36, तीन चौके) ने चौथे विकेट के लिये 75 रन की अटूट साझेदारी की लेकिन वे अपनी ख्याति के अनुरूप खुलकर नहीं खेल पाये। दिल्ली की यह तीन मैचों दूसरी हार है।

लखनऊ की तरफ से लेग स्पिनर रबि बिश्नोई ने 22 रन देकर दो विकेट लिये। जैसन होल्डर (चार ओवर में 30 रन) और आवेश खान (तीन ओवर में 32 रन) ने अंतिम तीन ओवरों में केवल 19 रन दिये। लखनऊ के स्पिनरों बिश्नोई, कृष्णप्पा गौतम (23 रन देकर एक) और क्रुणाल पंड्या (दो ओवर में 12 रन) ने 10 ओवरों में केवल 57 रन दिये और तीन विकेट लिये।

बल्लेबाजी में लखनऊ ने पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 48 रन बनाये जिसमें डिकॉक का योगदान विशेष था। इस विकेटकीपर बल्लेबाज के निशाने पर दक्षिण अफ्रीका के उनके साथी एनरिक नोर्किया थे जिनके पहले ओवर में उन्होंने तीन चौके और एक छक्का लगाया। चोट से उबरकर वापसी करने वाले तेज गेंदबाज नोर्किया का इस आईपीएल में यह पहला मैच था।

राहुल ने कुलदीप यादव (31 रन देकर दो) पर लांग ऑन पर छक्का लगाया लेकिन इस स्पिनर ने अपने अगले ओवर में उन्हें पवेलियन की राह दिखाकर दिल्ली को पहली सफलता दिलायी।

डिकॉक ने कुलदीप पर कवर के ऊपर से चौका लगाकर 36 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इविन लुईस (13 गेंदों पर पांच रन) रन बनाने के लिये जूझते रहे और ललित यादव (21 रन देकर एक) की गेंद हवा में लहराकर पवेलियन लौटे।

ओस के प्रभाव के कारण पंत अपने स्पिनरों का भरपूर उपयोग नहीं कर पाये। ऐसे में नोर्किया ने फिर गेंद संभाली और डिकॉक ने उनके 150 किमी की रफ्तार से किये गये बीमर को छह रन के लिये भेज दिया।

नोर्किया ने अगले ओवर में भी बीमर की और उन्हें गेंदबाजी से हटा दिया गया। इस तरह से उनकी वापसी सुखद नहीं रही। उनका ओवर पूरा करने के लिये कुलदीप पर डिकॉक ने दो चौके लगाये लेकिन इसी ओवर में वह शार्ट थर्डमैन पर कैच दे बैठे।

लखनऊ को आखिरी चार ओवरों में 28 रन की दरकार थी। मुस्ताफिजुर रहमान और शार्दुल ठाकुर ने पहले दो ओवरों में केवल नौ रन दिये। ऐसे में क्रुणाल का रहमान पर लगाया गया छक्का लखनऊ के लिये संजीवनी बना। इस ओवर में 14 रन बने। दीपक हुड्डा (11) के आउट होने के बाद बडोनी ने ठाकुर की लगातार गेंदों पर चौका और छक्का लगाया।

इससे पहले दिल्ली की पारी में शुरू में सभी की निगाह डेविड वार्नर पर लगी थी जो नौ साल बाद दिल्ली की टीम में वापसी कर रहे थे लेकिन वह सॉव थे जिन्होंने अपनी ताबड़तोड़ लेकिन कौशल से परिपूर्ण बल्लेबाजी से प्रभावित किया। गौतम पर दो चौकों से शुरुआत करने वाले सॉव ने होल्डर पर मिडविकेट पर खूबसूरत छक्का लगाकर उनकी लाइन व लेंथ बिगाड़ी तथा आवेश खान का स्वागत लगातार तीन चौकों से किया।

वार्नर का बल्ला मूक बना था लेकिन सॉव की बदौलत दिल्ली पावरप्ले में 52 रन बनाने में सफल रहा। इसमें वार्नर का योगदान केवल तीन रन था। सॉव ने 30 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद गौतम पर छक्का और चौका लगाया लेकिन अगली गेंद पर विकेटकीपर डिकॉक को कैच दे बैठे।

दिल्ली का स्कोर बिना किसी नुकसान के 67 रन से जल्द ही तीन विकेट पर 74 रन हो गया। वार्नर 12 गेंदों पर केवल चार रन बना पाये और बिश्नोई की गेंद पर शार्ट थर्डमैन पर आसान कैच देकर पवेलियन लौटे। इस लेग स्पिनर ने इसके बाद गुगली पर रोवमैन पावेल (10 गेंदों पर तीन रन) की गिल्लियां बिखेरी।

लखनऊ के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में बल्लेबाजों को पूरी तरह से बांधे रखा। आलम यह था कि ऋषभ पंत जैसे बल्लेबाज ने एक समय 19 गेंदों पर केवल आठ रन बनाये थे। उन्होंने 20वीं गेंद का सामना करके पहला चौका लगाया। और फिर अगले ओवर में एंड्रयू टाई पर दो गगनदायी छक्के लगाये, लेकिन दिल्ली की तरफ से अंतिम तीन ओवरों में केवल एक चौका लगा।