रायपुर मैग्नेटो-मॉल में तोड़फोड़ के आरोपियों की उतारी आरती, जेल से छूटने पर बजरंग दल ने ढोल-नगाड़े बजवाए

छत्तीसगढ़ : रायपुर के मैग्नेटो मॉल तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार किए गए बजरंग दल के कार्यकर्ता गुरुवार देर रात जमानत पर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं का उनके समर्थकों ने मालाओं, ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता और पदाधिकारी जेल परिसर के बाहर मौजूद रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रिहा हुए आरोपियों को समर्थकों ने कंधों पर उठाया, जबकि कुछ परिजनों ने आरती कर उनका अभिनंदन किया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल भी तैनात रहा। रिहाई के बाद आयोजित स्वागत कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि संगठन को अपने कार्यकर्ताओं पर गर्व है। उन्होंने दावा किया कि ये लोग “धर्म और संस्कृति की रक्षा” के लिए खड़े हुए थे। हालांकि, उन्होंने इस मामले में दर्ज आपराधिक धाराओं पर सीधे कोई टिप्पणी नहीं की।

यह विवाद 24 दिसंबर को सामने आया था, जब क्रिसमस से एक दिन पहले छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल में हंगामा और तोड़फोड़ की गई। पुलिस के मुताबिक, 30 से 40 लोग लाठी-डंडों और हॉकी स्टिक के साथ मॉल के भीतर घुसे और वहां मौजूद दुकानों, सजावट और सामान को नुकसान पहुंचाया। मॉल प्रबंधन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि हमलावर कर्मचारियों से उनकी धार्मिक पहचान और जाति को लेकर सवाल कर रहे थे। मॉल की मार्केटिंग हेड के अनुसार, घटना के दौरान कर्मचारियों और ग्राहकों में भय का माहौल बन गया था और पुलिस के पहुंचने से पहले ही लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंच चुका था।

घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसमें सार्वजनिक शांति भंग करने, नुकसान पहुंचाने और आपराधिक बल प्रयोग से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। फिलहाल, सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के विरोध में 27 दिसंबर को तेलीबांधा थाने के बाहर बजरंग दल ने करीब 10 घंटे तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान सड़क पर धरना, नारेबाजी और प्रतीकात्मक गतिविधियां की गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की सार्वजनिक उकसावे वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जमानत मिलने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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