राजस्थान: कोटा के चंद्रेसल मठ में घुसकर महंत की निर्मम हत्या, सामने आया जमीन विवाद

राजस्थान के कोटा जिले के ऐतिहासिक चंद्रेसल गांव के मठ के भीतर महंत देवानंद महाराज की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। वरिष्ठ संत देवानंद महाराज बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस सदियों पुराने प्रतिष्ठित मठ की आध्यात्मिक व्यवस्था संभाल रहे थे, अज्ञात हमलावरों ने उस समय हमला किया जब वे अपने निजी कक्ष में आराम कर रहे थे। इस पूरी घटना और अब तक की पुलिस कार्रवाई का विस्तृत विवरण नीचे दिए गए मुख्य बिंदुओं के अनुसार है। स्थानीय अधिकारियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस वारदात को बेहद सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया। आधी रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए अपराधी बिना किसी की नजर में आए मठ परिसर के भीतर दाखिल हुए।

महाराज जी को निशाना बनाने से पहले, बदमाशों ने वहां रहने वाले पुजारी के कमरे के दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया, ताकि हमले के वक्त कोई तुरंत मदद के लिए बाहर न आ सके। इसके बाद हमलावर सीधे महंत देवानंद महाराज के कक्ष में घुस गए और उन पर चाकू व अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

इस सनसनीखेज हत्याकांड पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि यह घटना बोरखेड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले चंद्रेसल गांव में हुई है। महाराज जी यहीं निवास करते थे। रात करीब 11:00 या 11:30 बजे उन पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, इसके पीछे की असली वजह क्या है, यह अभी जांच का विषय है। महंत देवानंद महाराज अपने शांत स्वभाव और आध्यात्मिक जीवन के लिए जाने जाते थे, और उनकी किसी से कोई निजी दुश्मनी सामने नहीं आई है। ऐसे में कोटा जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया है।

एएसपी सुभाष चंद्र मिश्रा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महाराज जी के नाम पर एक ट्रस्ट है, जिसके पास काफी बेशकीमती जमीन है। पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि कहीं इस हत्याकांड के पीछे कोई प्रॉपर्टी विवाद या बाहरी भू-माफिया का हाथ तो नहीं है।

पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या मठ के भीतर ही विभिन्न पदों या वर्चस्व को लेकर कोई आंतरिक कलह चल रही थी। जांचकर्ता इस एंगल पर भी विचार कर रहे हैं कि कहीं हमलावर डकैती या चोरी के इरादे से तो नहीं घुसे थे और महंत जी द्वारा विरोध किए जाने पर उन्होंने यह हत्या कर दी। इसके साथ ही पुरानी रंजिशों को खंगालने के लिए महाराज जी के पुराने परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।