ममदानी से पूछा गया – ट्रम्प को तानाशाह मानते हो, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- हां कह दो, मुझे फर्क नहीं पड़ता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और न्यूयॉर्क सिटी के नव-निर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी की शुक्रवार को व्हाइट हाउस में पहली मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने बैठक के बाद मीडिया से भी बात की। मीडिया ने ममदानी से पूछा कि क्या वे अभी भी ट्रम्प को फासिस्ट (तानाशाह) मानते हैं। इस पर ट्रम्प ने कहा- “कोई बात नहीं, हां कह दो। यह समझाने से आसान है। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता।”

पूछा कि ममदानी कार्बन उत्सर्जन पर सवाल उठाते रहे हैं, फिर वह वॉशिंगटन हवाई जहाज में क्यों आये? इस पर ट्रम्प ने कहा कि ममदानी बहुत मेहनत करते हैं और उनका यहां आना जरूरी था, इसमें कुछ गलत नहीं है। यह मोमेंट इसलिए खास था क्योंकि न्यूयॉर्क मेयर इलेक्शन के दौरान दोनों ने एक दूसरे को लेकर काफी तल्ख बयानबाजी की थी। ट्रम्प ने ममदानी को ‘कम्युनिस्ट पागल’ और ‘जिहादी’ कहा था, वहीं ममदानी ने ट्रम्प को ‘तानाशाह’ और ‘फासिस्ट’ बताया था।

 

पत्रकार ने ट्रम्प से पूछा कि रिपब्लिकन नेता एलिस स्टेफनिक ने ममदानी को ‘जिहादी’ कहा है, क्या ट्रम्प भी यही मानते हैं? इस पर ट्रम्प ने बिना हिचकिचाहट कहा- नहीं, मैं ऐसा नहीं मानता। ट्रम्प ने आगे कहा कि मुलाकात के दौरान उन्हें ममदानी एक शांत, समझदार और तार्किक इंसान लगे। उन्होंने कहा- मैं एक ऐसे इंसान से मिला हूं जो बहुत ही समझदारी से बात करता है।

ट्रम्प ने कहा कि हम न्यूयॉर्क को फिर से शानदार बनाना चाहते हैं। ममदानी जितना बेहतर करेंगे, मैं उतना ही खुश रहूंगा। ट्रम्प ने यहां तक कहा कि ममदानी कई कंजरवेटिव लोगों को हैरान कर देंगे और उनके कुछ विचार मुझसे से मिलते-जुलते हैं। ममदानी ने भी मीटिंग को प्रोडक्टिव बताया और कहा कि हमने किराया, राशन, बिजली बिल और रहने की बढ़ती कीमतों पर बात की। हम दोनों न्यूयॉर्क के 85 लाख लोगों के लिए जीवन को सस्ता बनाना चाहते हैं। ममदानी से मुलाकात के बाद ट्रम्प ने कहा कि कुछ मुद्दों पर दोनों की राय अलग हो सकती है, लेकिन बातचीत से हल जरूर निकलेगा। ट्रम्प ने कहा कि या तो ममदानी उन्हें समझा लेंगे या फिर वह ममदानी को, लेकिन आखिर में फैसला वही होगा जो न्यूयॉर्क के लिए अच्छा होगा।