मारुति ने पेश की देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार वैगन-आर, 85% मिक्स्ड पेट्रोल से चलेगी

मारुति सुजुकी ने आज (4 जून) भारत में पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल को पेश कर दी है। नई वैगन-आर पूरी तरह से E85 फ्यूल (85% तक एथेनॉल मिक्स पेट्रोल) से चलने में सक्षम है। फिलहाल गाड़ी सिर्फ फ्लीट ऑपरेटर्स और ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स के लिए ही अवेलेबल होगी। इसी कारण मारुति ने वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल की कीमतों का खुलासा नहीं किया है। कार के डिजाइन में कोई बदलाव नहीं है, लेकिन E85 फ्यूल के अनुकूल बनाने के लिए इसमें कई मैकेनिकल अपडेट्स किए गए हैं, जिससे उम्मीद है कि इसकी कीमत पेट्रोल और CNG वर्जन से ज्यादा हो सकती है।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी कार को लॉन्च के मौके पर कहा कि, सरकार का लक्ष्य साल 2027 के अंत तक देश में 5000 तक E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन लगाने का है। पुरी ने कहा, “शुरुआत में हमारे पास दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में लगभग 50 से 100 डिस्पेंसिंग स्टेशन होंगे। इस साल दिसंबर तक इसका विस्तार 500 स्टेशनों तक किया जाएगा।” इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने यह भी भरोसा दिया कि E85 फ्यूल की कीमत मौजूदा E20 पेट्रोल के मुकाबले काफी कम रखी जाएगी।

वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल इससे पहले भी कई मौकों पर दिखाई दे चुकी है। यह सबसे पहले साल 2022 में और उसके बाद साल 2024 के भारत मोबिलिटी शो में नजर आई थी। हालांकि, पिछले सभी वर्जन केवल प्रोटोटाइप (टेस्टिंग मॉडल) थे, जबकि आज जिसे पेश किया गया है, वह इसका प्रोडक्शन-स्पेक (उत्पादन के लिए तैयार) मॉडल है।

नई वैगन-आर फ्लेक्स फ्यूल का ओवरऑल डिजाइन स्टैंडर्ड मॉडल जैसा ही है, लेकिन इसे एक अलग पहचान देने के लिए कुछ कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। रेगुलर मॉडल से इस स्पेशल वैरिएंट को अलग करने के लिए कंपनी ने इसकी बॉडी पर जगह-जगह ‘Flex Fuel’ के ग्राफिक्स दिए हैं। टेलगेट पर एक छोटा ‘Flex Fuel’ का क्रोम बैज भी लगाया है।

फ्रंट प्रोफाइल: सामने बड़े साइज में चौकोर हैलोजन हेडलैंप्स और एक चौड़ा बोनट दिया गया है। हेडलैंप्स के बीच में हॉरिजोंटल ग्रिल है, जिसमें सिंगल क्रोम स्लेट और हनीकॉम्ब डिटेलिंग दी गई है, जो इसे पहले से ज्यादा मॉडर्न लुक देती है। फ्रंट बंपर पर बड़ा एयर डैम है और काले घेरे के बीच फॉग लैंप्स को फिट किया गया है।

साइड प्रोफाइल: साइड से कार का पारंपरिक ‘बॉक्सी और टॉल-बॉय’ शेप नजर आता है। कार में बड़े साइज की खिड़कियां हैं, जिससे केबिन अंदर से काफी खुला-खुला और हवादार महसूस होता है। स्मूद राइडिंग के लिए इसमें 14-इंच के अलॉय व्हील्स हैं। इसके अलावा, कार के सी-पिलर पर ब्लैक इंसर्ट का इस्तेमाल किया गया है जो इसे ‘फ्लोटिंग रूफ’ जैसा ट्रेंडी इफेक्ट देता है।

रियर प्रोफाइल: कार का पिछला हिस्सा काफी फ्लैट और सिंपल है। यहां सिग्नेचर स्टाइल वाले बड़े वर्टिकल (खड़े) टेललैंप्स दिए गए हैं। टेलगेट (डिक्की के दरवाजे) पर नंबर प्लेट लगाने के लिए एक खांचा (कास्टिंग) बना है, जिसके ठीक ऊपर प्रीमियम लुक देने के लिए क्रोम गार्निश की पट्टी दी गई है। साथ ही रियर बंपर में भी एक ब्लैक इंसर्ट मिलता है।

एक्सटीरियर की तरह नई वैगन-आर फ्लेक्स फ्यूल का अंदरूनी लेआउट भी इसके स्टैंडर्ड मॉडल जैसा रखा गया है। हालांकि, केबिन को ज्यादा प्रैक्टिकल और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई खास फीचर्स दिए गए हैं।

डैशबोर्ड और थीम: कार में थोड़ा उठा हुआ डैशबोर्ड है, जो ड्राइवर को अच्छी फ्रंट विजिबिलिटी देता है। केबिन को प्रीमियम लुक देने के लिए इसमें ब्लैक और बेज कलर की डुअल टोन थीम दी गई है। डैशबोर्ड के बीच में टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है। इसके दोनों तरफ वर्टिकल (खड़े शेप वाले) AC वेंट्स हैं।
कंट्रोल्स और चार्जिंग: इंफोटेनमेंट सिस्टम के नीचे मैन्युअल AC कंट्रोल्स दिए गए हैं। मोबाइल और अन्य गैजेट्स को चार्ज करने के लिए नीचे चार्जिंग पोर्ट और 12-वोल्ट का पावर सॉकेट भी मिलता है।
स्टीयरिंग व्हील और कंसोल: 3-स्पोक स्टीयरिंग व्हील पर ऑडियो और मीडिया कंट्रोल बटन (माउंटेड कंट्रोल्स) मिलते हैं। इसके सामने एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है, जो MID (मल्टी इंफॉर्मेशन डिस्प्ले) स्क्रीन के साथ आता है, जहां गाड़ी से जुड़ी जरूरी जानकारियां दिखती हैं।
सिटिंग और स्पेस: केबिन में फिक्स्ड हेडरेस्ट के साथ पतली फ्रंट सीटें हैं। टॉल-बॉय डिजाइन की वजह से इसकी पिछली (रियर) सीट इस सेगमेंट की दूसरी कारों के मुकाबले ज्यादा स्पेशियस है। ऊंचे कद वाले पैसेंजर्स के लिए भी इसमें हेडरूम और नीरूम की कमी नहीं है, जिससे लंबा सफर आरामदायक रहता है।