ईरान के परमाणु केंद्र के पास महाविस्फोट, अमेरिका ने इस्फहान पर गिराया 900 किलो का बम

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध मंगलवार को और तीखा हो गया, जब ईरान के इस्फहान परमाणु केंद्र के करीब 900 किलो के बंकर बस्टर बम से हमला किया गया। इसमें भूमिगत हथियार डिपो को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने इस हमले के वीडियो फुटेज भी जारी किएहमले के बाद रात के अंधेरे में कई मीटर ऊंची आग की लपटें उठीं और क्षेत्र धुएं से भर गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के वीडियो फुटेज भी जारी किए। जवाब में ईरान ने फारस की खाड़ी में तेल ले जा रहे कुवैती टैंकर ‘अल साल्मी’ को निशाना बनाया, जिसमें आग लग गई।

अधिकारियों के अनुसार टैंकर पर 12 लाख बैरल सऊदी और आठ लाख बैरल कुवैती कच्चा तेल था, हालांकि किसी बड़े रिसाव या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई। इस बीच, ट्रंप ने संकेत दिया है कि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह खुले बिना भी अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान समाप्त कर सकता है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह चार से छह सप्ताह की तय समयसीमा में अभियान समेटने के पक्ष में हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्हें अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकाफ की तरफ से सीधे संदेश मिल रहे हैं, लेकिन इन्हें औपचारिक वार्ता नहीं माना जा सकता।

अराघची ने बताया कि ये संदेश कभी मित्र देशों के माध्यम से चेतावनी के रूप में, तो कभी विचारों के आदान-प्रदान के रूप में पहुंचाए जा रहे हैं। नाटो देशों और ट्रंप के बीच एक बार फिर तनातनी बढ़ गई, जब स्पेन के बाद इटली और फ्रांस ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अड्डे और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल से मना कर दिया।

नाटो देशों के रवैये से नाराज ट्रंप ने साफ कहा कि जिन्हें भी तेल की जरूरत है, वे हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज जाकर तेल ले लें।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान युद्ध में अगले कुछ दिन बेहद निर्णायक होनेवाले हैं। पाकिस्तान और चीन ने मिलकर ईरान युद्धविराम के लिए पांच सूत्रीय उपायों की घोषणा की है।

प्रेट्र के अनुसार, वाल स्ट्रीट जर्नल ने प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप मानते हैं कि ईरान की नौसैनिक क्षमता और मिसाइल भंडार को कमजोर कर अमेरिका अपने मुख्य सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है। ऐसे में जलमार्ग खोलने की लंबी सैन्य कार्रवाई के बजाय आगे कूटनीतिक दबाव के जरिये व्यापार बहाली पर जोर दिया जा सकता है। इसके अलावा जलमार्ग को बलपूर्वक खोलने की कोशिश युद्ध को उनकी तय चार से छह सप्ताह की समयसीमा से आगे ले जाएगी।

व्हाइट हाउस ने भी कहा है कि सैन्य अभियान की अवधि शुरू से सीमित रखी गई थी। वहीं ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर नाटो देशों को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा कि ब्रिटेन जैसे देश जो होर्मुज जलमार्ग से तेल नहीं ले पा रहे हैं, तो उन्हें अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त तेल है।

उन्होंने कहा कि जिसे भी तेल चाहिए उसे हिम्मत दिखानी होगी और होर्मुज को खुलवाकर तेल खरीदना चाहिए। ट्रंप ने ये भी कहा कि अब देशों को खुद अपनी लड़ाई लड़ना सीखना होगा। अमेरिका उनकी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे वे अमेरिका की मदद के लिए नहीं आए थे।

रॉयटर के अनुसार, अमेरिका-इजरायल ने मंगलवार तड़के ईरान पर हमलों की नई लहर शुरू की, जिसमें तेहरान के साथ इस्फहान परमाणु केंद्र के करीब स्थित हथियार डिपो को निशाना बनाया गया।