उमर अब्दुल्ला को 25 विधायकों ने अल्टीमेटम दिया, कहा- 14 दिन में मांगें नहीं मानीं तो समर्थन वापस लेंगे
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 25 विधायकों ने रविवार को पार्टी नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम दिया है। विधायकों ने मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी है। इन विधायकों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगामी और 27 अक्टूबर को कैबिनेट विस्तार में बने 4 नए मंत्रियों को हटाने की मांग की। इसके साथ ही वे मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं।
सोगामी पर पार्टी नेतृत्व को गुमराह करने और संगठन के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप है।
श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने भी इस्तीफे का ऐलान किया है। रूहुल्लाह ने कहा है कि वह 3 नवंबर को नेशनल कॉन्फ्रेंस और लोकसभा सदस्यता, दोनों से औपचारिक इस्तीफा दे देंगे।
उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर वैचारिक प्रतिबद्धताओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है। रूहुल्लाह का कहना है कि पार्टी धारा 370 पर केंद्र के फैसल को चुनौती देने के वादे से पीछे हट रही है।
बैठक में विधायकों ने 4 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया। इसकी अगुआई पार्टी के सीनियर लीडर और गुरेज विधायक नजीर अहमद गुरेजी तथा थानामंडी विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। विधायकों ने नेतृत्व के जवाब का इंतजार करने और उसके बाद आगे की रणनीति तय करने का फैसला किया है।
27 अक्टूबर के कैबिनेट विस्तार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 4 विधायक अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू मंत्री बनाए गए। वहीं, निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था।
इस विस्तार में कई ऐसे वरिष्ठ विधायक मंत्री नहीं बन सके, जिनके नाम की चर्चा थी। इनमें नजीर अहमद गुरेजी और मुबारक गुल भी शामिल हैं। मुबारक गुल को बाद में फारूक अब्दुल्ला ने अली मोहम्मद सागर की जगह पार्टी का महासचिव नियुक्त किया।
