बंगाल में ममता की बैठक से 10 विधायक रहे गायब, सियासी अटकलें तेज?
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो चुका है. विधानसभा चुनाव में मिली करारी मात के बाद टीएमसी में आत्ममंथन शुरू हो गया है. ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर टीएमसी विधायकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें पार्टी के 80 में से 70 विधायक पहुंचे और 10 विधायक अनुपस्थिति रहे. टीएमसी विधायक दल के नेता चुनने के लिए बुलाई गई बैठक में पार्टी के 10 विधायक की गैर-मौजूदगी ने पश्चिम बंगाल की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे दिया है. बंगाल चुनाव हारने के बाद टीएमसी विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों मोर्चों पर रणनीति तैयार करने के लिए विधायकों की बैठक रखी गई थी. बैठक में 10 टीएमसी विधायकों की गैर-मौजूदगी से सियासी चर्चा तेज होती, उससे पहले ही पार्टी ने बताया कि ये 10 विधायक अलग-अलग कारणों से अनुपस्थिति थे.
बंगाल में 15 सालों तक सत्ता में रहने के बाद बीजेरी से मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने बुधवार को टीएमसी विधायकों की अपने आवास पर बैठक बुलाई थी. ममता बनर्जी की बैठक में टीएमसी के 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से 70 बैठक पहुंचे और 10 विधायक अनुपस्थिति रहे. इस अनुपस्थिति ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने बाद में अनुपस्थिति के कारणों पर स्पष्टीकरण दिया. टीएमसी ने कहा कि पार्टी के 10 विधायक अलग-अलग कारणों से मीटिंग में नहीं पहुंचे हैं. पार्टी नेतृत्व की तरफ से कुछ विधायकों को टीएमसी कार्यकर्ताओं की मदद के लिए अपने-अपने क्षेत्र में रहने को कहा गया था, जबकि कुछ मेडिकल इमरजेंसी के कारण अनुपस्थित थे.
टीएमसी की ओर से कहना है कि कुछ विधायकों को कार्यकर्ताओं की मदद के लिए अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहने के निर्देश दिए गए थे. अन्य विधायक कथित तौर पर मेडिकल इमरजेंसी और निजी कारणों से अनुपस्थित थे. इस तरह से टीएमसी ने पार्टी के भीतर किसी भी तरह की असहमति या मतभेद की अटकलों को कम करने की कोशिश की है.
ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट आवास पर नवनिर्वाचित तृणमूल विधायकों और नेताओं की बैठक में कहा कि BJP ने विधानसभा चुनाव ‘लूट’ लिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी मतगणना के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी.
ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी के कुछ अपने ही लोगों ने उन्हें तोड़ा है. एक वरिष्ठ टीएमसी नेता के अनुसार ममता ने बैठक में कहा कि हमारे अपने कुछ लोगों ने हमें नुकसान पहुंचाया है। हम सभी आरोपों की जांच करेंगे. इस मामले की जांच के लिए ममता बनर्जी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं डेरेक ओ’ब्रायन, फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और असीमा पात्रा को शामिल करते हुए एक अनुशासन समिति बनाई है. इसके अलावा अशांति प्रभावित जिलों का दौरा करने के लिए तीन अलग-अलग फैक्ट-फाइंडिंग टीमों का भी गठन किया गया है.
