फ्रांस के नीस में मोदी-मैक्रों ने द्विपक्षीय बैठक की, साथ में सेल्फी ली, भारत-फ्रांस के बीच FTA

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ रविवार को द्विपक्षीय बैठक की। इसमें प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी शामिल रहे। इस दौरान दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई। दोनों देशों ने अगले 5 वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की है। इससे पहले दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रोग्राम का उद्घाटन किया, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स ने हिस्सा लिया।

प्रोग्राम के बाद राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी को नीस के पास स्थित विला केरीलोस घुमाने ले गए। यह फ्रांस की प्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। मैक्रों ने यहां पीएम के साथ सेल्फी ली और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया।

पीएम मोदी 13 जून से फ्रांस-स्लोवाकिया के 6 दिन के दौरे पर हैं। वे 17 जून को फ्रांस के एवियान में G7 समिट में शामिल होंगे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मिलेंगे। दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता सिर्फ व्यापार या रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है। यह भरोसे, साझा सोच और साझा लक्ष्यों पर आधारित है। दोनों देश मिलकर दुनिया की कई बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं।

मोदी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय निवेश को जोड़ने वाला मंच है। इससे भारतीय स्टार्टअप्स, युवा उद्यमियों और नए आइडिया को दुनिया के बड़े निवेशकों और विशेषज्ञों तक पहुंचने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स शामिल हैं, लेकिन भारत में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। ये स्टार्टअप्स भारत के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास में भी योगदान दे रहे हैं। मोदी ने कहा कि दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, लेकिन हर चुनौती नए मौके भी लेकर आती है। AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष तकनीक जैसी नई तकनीकें आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में स्टार्टअप क्रांति चल रही है। देश के युवा नई सोच के साथ लोगों की समस्याओं का हल निकाल रहे हैं।