वाराणसी दालमंडी में 5 मस्जिदें तोड़ी गईं, औरंगजेब के जमाने की रंगीले शाह मस्जिद पर भी चले हथौड़े
वाराणसी के दालमंडी में मस्जिदें तोड़ी गईं। 11 घंटे चली कार्रवाई में इना 50 से 60 फीसदी तक का हिस्सा तोड़ दिया गया। अंधेरा होने से शाम करीब साढ़े 6 बजे काम रोक दिया गया। अब गुरुवार सुबह से फिर काम शुरू होगा। एक मस्जिद की करीब 20 फीट ऊंची दो मीनारों को गिरा दिया गया। पूरे दिन करीब 200 मजदूर हथौड़ों से मस्जिदें गिराने में जुटे रहे। प्रशासन ने भी दालमंडी जाने वाले रास्ते को टीन शेड लगाकर बंद कर दिया था। मौके पर सुरक्षा के लिए 1860 जवान तैनात रहे। इनमें पीएसी की 7 कंपनियां, CRPF की एक बटालियन, RRF की एक बटालियन और स्थानीय पुलिस फोर्स शामिल है। यह कार्रवाई दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत की गई।
चौड़ीकरण परियोजना की जद में कुल 6 मस्जिदें आई हैं। इनमें से 5 मस्जिदों के प्रबंधन ने पहले ही ध्वस्तीकरण के लिए सहमति दे दी थी। जबकि एक मस्जिद को लेकर सहमति नहीं बन सकी। मुहर्रम समाप्त होने के बाद बुधवार को इन्हीं 5 मस्जिदों के चिह्नित हिस्सों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इस बीच पुलिस-प्रशासन ने मीडिया को वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने से भी रोक दिया।
दरअसल, दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत 181 मकानों और 6 मस्जिदों को हटाया जाना है। अब तक 162 मकानों पर कार्रवाई हो चुकी है। इनमें से 80 मकानों को पूरी तरह जमींदोज किया जा चुका है। दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत 181 मकानों के साथ छह मस्जिदें भी प्रभावित हो रही हैं। इनमें लंगड़े हाफिज मस्जिद, निसारन की मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद, अली रजा मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग शामिल हैं।
लंगड़े हाफिज मस्जिद को छोड़कर बाकी सभी मस्जिदों के प्रबंधन ने चौड़ीकरण के लिए सहमति दे दी थी। मुहर्रम से पहले सभी का सीमांकन और नाप-जोख पूरी कर ली गई थी। मुहर्रम समाप्त होने के बाद बुधवार को फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
डीआईजी शिव हरि मीणा की मौजूदगी में सुबह करीब 7 बजे प्रशासन की टीम दालमंडी पहुंची। सबसे पहले टीन शेड लगाकर रास्ता बंद किया गया। इसके बाद चौक थाने के पीछे स्थित मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग की बाउंड्री तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। सबसे पहले इसी मस्जिद के चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाया गया।
