MP : मऊगंज में पहली बार पानी भरते ही ढह गई 75 लाख की टंकी, 30 फीट की ऊंचाई से भरभरा कर गिरी
मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले से विकास कार्यों में बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. यहां नईगढ़ी विकासखंड के ग्राम पंचायत खटखरी में जल जीवन मिशन के तहत बनी लगभग 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पहली बार पानी भरने (टेस्टिंग) के दौरान ढह गई. गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ. टंकी के ढह जाने के बाद उसके निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधिक उपयंत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जानकारी के अनुसार, लगभग 75 हजार लीटर क्षमता वाली इस टंकी का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो चुका था. ठेकेदार द्वारा इसे चालू करने के लिए जैसे ही इसमें पानी भरा गया, टंकी में लीकेज शुरू हो गया. देखते ही देखते पूरी टंकी मलबे में तब्दील हो गई और हजारों लीटर पानी आसपास के खेतों में फैल गया. इस हादसे समय पास में खड़ी एक जेसीबी का चालक बाल-बाल बच गया, जो वहीं सो रहा था.
इस टंकी का निर्माण लगभग 75.19 लाख की लागत से किया जा रहा था. इस पूरे प्रोजेक्ट में पाइपलाइन सहित करोड़ों रुपए खर्च होने के अनुमान था, जिसका उद्देश्य खटखरी पंचायत की करीब 3.5 हजार आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में बेहद घटिया सामग्री और मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी शिकायतें पहले भी कलेक्टर से लेकर मंत्रालय तक की गई थीं, लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया.
ग्राम पंचायत खटखरी के सरपंच सुरेश जायसवाल का कहना है की टंकी की संरचना शुरू से ही कमजोर नजर आ रही थी. पंचायत ने निर्माण की गुणवत्ता को देखते हुए इसे हैंडओवर लेने से पहले 6 महीने के ट्रायल की शर्त रखी थी. टेस्टिंग का गिरना भ्रष्टाचार की पोल खोलता है.
इस हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जांच के कड़े निर्देश दिए हैं. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाते हुए उपयंत्री ए.पी. तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रीवा संभाग तय किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.
