नागपुर: वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव होने से हड़कंप…
महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोधनी इलाके में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट में भयानक क्लोरीन गैस रिसाव की घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई, लेकिन प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
मानकापुर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर हरेश कलशेकर के मुताबिक, यह जल शुद्धिकरण संयंत्र गोंडी नगर पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता है।
पुलिस प्रशासन को रात करीब 12:45 बजे गैस रिसाव के बारे में सूचना मिली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और आपातकालीन सेवाएं बिना समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू कर दिया।
गैस के प्रभाव और खतरे को देखते हुए बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल के चारों ओर 200 मीटर के दायरे को नो-मैन्स-लैंड घोषित कर दिया गया और वहां बैरिकेडिंग लगा दी गई।
एहतियात के तौर पर स्थानीय निवासियों को तुरंत अपने घर खाली करने की सलाह दी गई। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रभावित इलाके के लोगों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एनडीआरएफ और नगर निगम की फायर ब्रिगेड की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। इन टीमों ने मिलकर गैस रिसाव को बेअसर करने और उसे नियंत्रित करने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया।
प्रशासन के अनुसार, उनके इस त्वरित प्रयास से अब तक लगभग 90 प्रतिशत गैस रिसाव को सफलतापूर्वक रोक दिया गया है।
गैस के संपर्क में आने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन ने कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जबकि कुछ प्रभावित लोग खुद ही अस्पताल पहुंच गए। वर्तमान में 40 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि 12 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
गंभीर रूप से प्रभावित तीन या चार मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी की हालत स्थिर बनी हुई है। हालांकि, इस दर्दनाक घटना में एक कुत्ते की मौत हो गई है।
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अब हालात पूरी तरह से काबू में हैं और किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस इंस्पेक्टर ने आम जनता से विशेष अपील करते हुए कहा है कि लोग शांत रहें और किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
