कैंसर को जलाकर खत्म करेगा नैनो-जादू! अंदर से हड्डियों की करेगा मरम्मत
ब्राजील और पुर्तगाल के वैज्ञानिकों ने मिलकर खास तरह का मैग्नेटिक नैनोमैटेरियल बनाया है. यह हड्डी के कैंसर को ठीक करने में मदद करता है. एक तरफ यह कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करता है और दूसरी तरफ हड्डी को दोबारा मजबूत बनने में मदद करता है. यह खोज भविष्य में हड्डी के ट्यूमर के इलाज को आसान और कम दर्दनाक बनाने में अहन भूमिका निभा सकती है.
वैज्ञानिकों ने लोहे के ऑक्साइड से बने बेहद छोटे कण तैयार किए. इन कणों के ऊपर बायोएक्टिव ग्लास की बहुत पतली परत चढ़ाई गई. यही डिजाइन इस मैटेरियल को खास बनाता है. अंदर का हिस्सा मैग्नेटिक है और बाहर की परत हड्डी से अच्छी तरह चिपकने में मदद करती है. रिसर्च टीम के मुताबिक सबसे बड़ी परेशानी यही थी कि ऐसा मैटेरियल बनाया जाए जो कैंसर का इलाज भी करे और हड्डी को भी ठीक करे. इस नई तकनीक से दोनों काम एक साथ संभव हो पाए हैं. स्टडी की लीड लेखक डॉक्टर एंजेला एंड्राडे ने बताया कि इस मैटेरियल में मजबूत मैग्नेटिक ताकत भी है. हड्डी से जुड़ने की क्षमता भी जो पहले एक साथ मिलना मुश्किल था.
वैज्ञानिकों ने इस नैनोमैटेरियल को शरीर जैसे तरल पदार्थ में डालकर टेस्ट किया है. वहां यह बहुत जल्दी एपाटाइट नाम का मिनरल बनाने लगा. यह वही मिनरल है जो हमारी असली हड्डी का अहम हिस्सा होता है. इससे यह साफ हो जाता है कि अगर इसे शरीर में लगाया जाए तो यह हड्डी से आसानी से जुड़ सकता है. रिसर्च के दौरान नैनोमैटेरियल के अलग-अलग रूप बनाए गए. इनमें से जिस किस्म में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा थी उसने सबसे अच्छे नतीजे दिखाए. इसमें हड्डी जैसा मिनरल सबसे तेजी से बना. साथ ही इसका चुंबकीय असर भी ज्यादा मजबूत रहा. वैज्ञानिकों के मुताबिक यही किस्म इलाज के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकती है.
इस मैटेरियल का लोहे वाला हिस्सा चुंबकीय क्षेत्र में आते ही गर्म हो जाता है. इस गर्मी से कैंसर कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं. इसे मैग्नेटिक हाइपरथर्मिया कहा जाता है. खास बात यह है कि यह गर्मी आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को ज्यादा नुकसान भी नहीं पहुंचाती और खतरनाक सेल्स को खत्म कर सकती है. जहां एक तरफ यह कैंसर पर असर डालता है. बाहर की बायोएक्टिव ग्लास परत नई हड्डी बनने में मदद करती है. इससे ट्यूमर हटाने और हड्डी को ठीक करने का काम एक ही इलाज में हो सकता है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज कैंसर और हड्डी के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है. इस तरह के स्मार्ट नैनोमैटेरियल से आगे चलकर ऐसे इलाज संभव हो सकते हैं.
