मंगल ग्रह पर नासा को दिखा ‘अदृश्य साया’
रहस्यों से भरे ब्रह्मांड से एक ऐसी खबर आई है जिसने विज्ञानिकों को हैरान कर दिया है. हमेशा से शांत और पथरीला दिखने वाला लाल ग्रह यानी मंगल इस समय एक बेहद अजीब दौर से गुजर रहा है. नासा के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि एक भयंकर सौर तूफान के बाद मंगल ग्रह का वायुमंडल रहस्यमयी तरीके से अंदर से सिकुड़ने लगा है. नासा के मेवेन स्पेसक्राफ्ट ने मंगल ग्रह के वायुमंडल के अंदर एक बहुत ही अजीब और अनोखी हलचल देखी है. वैज्ञानिकों के अनुसार, किसी अज्ञात ताकत के कारण से मंगल ग्रह का वायुमंडल अंदर से सिकुड़ रहा है. ब्रह्मांड के इतिहास में पहली बार किसी ग्रह के वायुमंडल के भीतर ऐसी घटना देखने को मिली है. वायुमंडल सिकुड़ने से क्या मंगल ग्रह पर बड़ा खतरा आ सकता है? साइंस की दुनिया में इस घटना को ज्वॉन-वुल्फ इफेक्ट कहते हैं. इसमें मैग्नेटिक पावर के प्रभाव से चार्ज्ड पार्टिकल्स यानी आवेशित कण आपस में बुरी तरह से दबने या सिकुड़ने लगते हैं.
नासा को इसकी जानकारी साल 2023 के दिसंबर में मिले डेटा की बारीकी से जांच करने के बाद मिली है. वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया कि लाल ग्रह की सतह से लगभग 200 किलोमीटर ऊपर, उसके आयनोस्फीयर में यह हैरान कर देने वाली हलचल हुई है. मंगल ग्रह पर यह हलचल तब शुरू हुई जब वैज्ञानिकों को डेटा में कुछ अजीबोगरीब लहरें दिखाई दीं. पहले तो उन्हें लगा कि यह मशीन की समस्या हो सकती है, लेकिन जब मेवेन स्पेसक्राफ्ट के बाकी उपकरणों की जांच की गई, तो इस ज्वॉन-वुल्फ इफेक्ट की पुष्टि हुई.
