नासा का वॉयजर 1 बना सकता है अनोखा रिकॉर्ड, पृथ्वी से एक प्रकाश दिन की दूरी के करीब

वॉशिंगटन: नासा का ‘वॉयजर 1’ अंतरिक्ष यान एक अहम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। 5 सितंबर 1977 को लॉन्च किया गया ये स्पेसक्राफ्ट इस महीने, 18 नवंबर को एक बड़ा रिकॉर्ड कायम कर सकता है। प्लूटोनियम-रेडियोआइसोटोप से चलने वाला यह अंतरिक्ष यान ना केवल इंसानों की बनाई अब तक की सबसे दूर स्थित वस्तु बन जाएगा, बल्कि यह एक प्रकाश-दिन (लाइट डे) की दूरी यानी 16.09 अरब मील (25.89 अरब किलोमीटर) तक भी पहुंच जाएगा।

नासा के मुताबिक, ‘वॉयजर 1’ के पृथ्वी से एक लाइट-डे (प्रकाश की एक दिन में तय की गई दूरी) की दूरी तक पहुंचने में बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं। यह वह बिंदु है, जहां से रेडियो संदेशों को एक तरफ से दूसरी तरफ जाने में पूरे 24 घंटे का समय लगेगा। यह अंतरिक्ष यान अभी पृथ्वी से तकरीबन 16 अरब मील (24 अरब किलोमीटर) दूर है।

वॉयजर 1 साल 1977 से सोलर सिस्टम को एक्सप्लोर कर रहा है। यह इंटरस्टेलर स्पेस में है, जो हेलियोपॉज का बाहरी इलाका है या सूरज से निकलने वाले एनर्जेटिक पार्टिकल्स और मैग्नेटिक फील्ड का बबल है।
वॉयजर 1 को वॉयजर 2 के बाद लॉन्च किया गया था लेकिन तेज रास्ते की वजह से यह अपने ट्विन से पहले एस्टेरॉयड बेल्ट से बाहर निकल गया। यह 15 दिसंबर, 1977 को वॉयजर 2 से आगे निकल गया।
वॉयेजर 1 ने जुपिटर के चारों ओर एक पतली रिंग और दो नए जोवियन चांद-थेबे और मेटिस की खोज की। शनि पर वॉयेजर 1 को पांच नए चांद और एक नया रिंग मिला जिसे G-रिंग कहा जाता है।
वोएजर 1 पहला स्पेसक्राफ्ट है, जिसने हेलियोस्फीयर को पार किया। यह वह बाउंड्री है, जहां हमारे सोलर सिस्टम के बाहर का असर हमारे सूरज के असर से ज्यागा होता है। वॉयेजर 1 इंटरस्टेलर स्पेस में जाने वाली पहली इंसानी चीज है।