CG NEWS : नवा रायपुर के होलसेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर ब्रेक, अब बनेगा कमर्शियल हब !

छत्तीसगढ़ : नवा रायपुर (अटल नगर) में प्रस्तावित ‘होलसेल कॉरिडोर’ पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। साय सरकार की ओर से पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तैयार किए गए होलसेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को निरस्त किया जा चुका है। अब नए सिरे से कमर्शियल हब के निर्माण पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल नवा रायपुर में सिटी लेवल डेवलपमेंट का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही यहां के अलग-अलग सेक्टरों में बसाहट निवेश और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के मकसद से जमीन आवंटित की जा रही है। ताकि नवा रायपुर क्षेत्र का संतुलित व समग्र विकास किया जा सके।

नवा रायपुर (अटल नगर) प्राधिकरण की ओर से यहां सड़क, नाली, बिजली, पेयजल सहित अधोसंरचना से जुड़े कई काम किए जा रहे हैं। यहां करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से अलग-अलग अधोसंरचना निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इनमें सड़क निर्माण में 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा बची हुई रकम नाली, बिजली, पेयजल समेत दूसरी मूलभूत सुविधाओं में खर्च किए जाएंगे। कांग्रेस के शासनकाल में नवा रायपुर में बसाहट के साथ ही निवेश और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होलसेल कॉरिडोर विकसित करने का फैसला लिया गया था। ‘होलसेल कॉरिडोर’ के लिए नवा रायपुर में 1083 एकड़ जमीन का चयन किया गया था। इसका भू-उपयोग परिवर्तन हो चुका था। उस वक्त यह दावा किया गया था कि यह कॉरिडोर देश के साथ ही दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा थोक व्यावसायिक बाजार होगा। होलसेल कॉरिडोर में 540 रुपए वर्गफीट की दर से व्यवसायियों को जमीन आवंटित करने और इसके निर्माण में अतिरिक्त राशि शासन की ओर से खर्च की जानी थी। बताया गया है कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के प्रस्ताव को वर्तमान भाजपा सरकार सहमत नहीं है और इस वजह से उसने भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नवा रायपुर में बसाहट, निवेश और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कमर्शियल हब निर्माण की भी योजना है। इसके पहले सिटी लेवल डेवलपमेंट का कार्य शुरू किया जा रहा है।