NEET-UG पेपर लीक, आरोपी के बेटे पर 2 साल बैन, NTA ने परीक्षा देने पर रोक लगाई
महाराष्ट्र लातूर स्थित RCC कोचिंग सेंटर संचालक और NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के बेटे आदित्य मोटेगांवकर पर NTA ने कार्रवाई की है। उसे 2 साल तक NEET-UG परीक्षा देने से बैन कर दिया गया है। NTA के मुताबिक, आदित्य को NEET-UG 2027 के लिए भी अयोग्य घोषित किया गया है। वहीं शिवराज अभी न्यायिक हिरासत में है।
CBI के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर ने NEET परीक्षा के केमिस्ट्री के सवाल हासिल करने के लिए पेपर तैयार करने वाली टीम में शामिल पीवी कुलकर्णी को ₹5 लाख दिए थे। CBI का आरोप है कि शिवराज का बेटा आदित्य, पीवी कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में जाता था। एजेंसी के मुताबिक, यहीं उसे परीक्षा से जुड़े सवाल उपलब्ध कराए गए थे।
NTA ने 21 जून को NEET-UG की दोबारा परीक्षा कराई थी। इसके बाद आदित्य का रिजल्ट रोक दिया गया और उससे गड़बड़ियों को लेकर जवाब मांगा गया था।
आदित्य ने अपने जवाब में परीक्षा के दौरान किसी भी अनुचित साधन का इस्तेमाल करने से इनकार किया। उसने कहा कि NTA का नोटिस 3 मई को हुई परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़ा था।
उसने सवाल उठाया कि जब नोटिस 3 मई की परीक्षा को लेकर था, तो 21 जून को हुई दोबारा परीक्षा का रिजल्ट क्यों रोका गया।
पेपर लीक के आरोपों के बीच NTA ने 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई।
NEET-UG मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए NTA की ओर से आयोजित की जाने वाली परीक्षा है। 3 मई की परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।
NTA के अनुसार, 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला CBI को सौंपा गया। अब तक पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
CBI ने पिछले महीने दिल्ली की नामित फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। कोर्ट पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में दूसरे अनुचित तरीकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई कर रही है। केंद्र सरकार ने 22 जून 2024 को पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी।
कमेटी ने NTA की परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों से निपटने के लिए 101 सिफारिशें दी थीं।
