नेपाल चुनाव- भारत विरोधी ओली 4000 वोटों से पीछे, काठमांडू मेयर रहे बालेन शाह आगे
नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 96 सीटों पर आए शुरुआती रुझानों में रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी 1 सीट जीतने के साथ 72 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं गगन थापा की पार्टी नेपाली कांग्रेस ने एक सीट जीत ली है, जबकि 8 सीटों पर आगे है। वहीं केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल 6 सीटों पर आगे है। केपी ओली खुद भी झापा-5 सीट पर बालेन शाह से करीब 4 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद गुरुवार को हुए चुनाव में 60% से ज्यादा लोगों ने वोट डाले। वोटों की गिनती में 3 से 4 दिन लगने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने कहा है कि 9 मार्च तक काउंटिंग पूरी करने की कोशिश की जाएगी।
झापा-5 सीट पर बालेन शाह ने मजबूत बढ़त बना ली है। उन्हें अब तक 2,878 वोट मिले हैं। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। चल रही मतगणना में शाह, पूर्व प्रधानमंत्री और CPN-UML के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से आगे चल रहे हैं। ओली को अब तक 1,130 वोट मिले हैं।
नेपाल में चुनाव की व्यवस्था मिश्रित चुनाव प्रणाली पर आधारित है। यानी यहां दो तरीकों से सांसद चुने जाते हैं- सीधे चुनाव से और पार्टी को मिले कुल वोट के हिसाब से। संसद की 275 में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। हर इलाके (निर्वाचन क्षेत्र) में लोग अपने उम्मीदवार को वोट देते हैं। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है।
बाकी बची 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं बल्कि किसी पार्टी को वोट देती है। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं। इस सिस्टम का मकसद यह है कि छोटे दलों और अलग-अलग सामाजिक समूहों को भी संसद में जगह मिल सके और कोई एक पार्टी पूरी तरह हावी न हो।
