अंतरिक्ष में मिली 24 नई ‘पृथ्वी’? वैज्ञानिकों को दिखे ऐसे ग्रह जहां मुमकिन है जीवन
ब्रह्मांड में हम अकेले हैं या नहीं? इस सवाल का जवाब खोजने की दिशा में वैज्ञानिकों ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है. वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 45 ऐसे ग्रहों (Exoplanets) की पहचान की है, जहां जीवन होने की सबसे अधिक संभावना है. वैज्ञानिकों के मुताबिक यहां एलियन लाइफ (Alien Life) की सबसे ज्यादा संभावना है.इंसान सदियों से आसमान के तारों को देखकर यह सोचता आया है कि क्या वहां भी कोई रहता है? वैज्ञानिक भी कई सालों से अंतरिक्ष की गहराई में इस सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं. साइंसडेली में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, इसमें अब जा कर वैज्ञानिकों को सबसे बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. दुनिया भर के खगोलविदों (Astronomers) ने डेटा का एनालिसिस कर 45 ऐसे ग्रहों को ‘शॉर्टलिस्ट’ किया है, जो न केवल पृथ्वी जैसे दिखते हैं, बल्कि वहां जीवन के लिए जरूरी परिस्थितियां भी मौजूद हो सकती हैं. ये 45 ग्रह अब जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (JWST) जैसे आधुनिक दूरबीनों के लिए ‘प्राइम टारगेट’ बन गए हैं.
वैज्ञानिकों ने इन 45 ग्रहों को हजारों एक्सोप्लैनेट्स की भीड़ में से चुना है. इनके चयन का मुख्य आधार हैबिटेबल जोन (Habitable Zone) है. ये सभी ग्रह अपने तारे से उतनी ही दूरी पर हैं, जहां न तो बहुत ज्यादा गर्मी है और न ही बहुत ज्यादा ठंड. इसमें 24 ऐसे ग्रह हैं, जिन पर जीवन की संभावना ज्यादा बताई जा रही है. यहां पानी तरल अवस्था (Liquid Water) में रह सकता है. इसे ‘गोल्डीलॉक्स जोन’ भी कहा जाता है. पृथ्वी की तरह इन ग्रहों की सतह ठोस और पथरीली होने की संभावना है, जो जीवन के पनपने के लिए बुनियादी शर्त है.
अब वैज्ञानिक इन 45 ग्रहों पर सीधे नजर गड़ाए हुए हैं. इसके लिए जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (JWST) और भविष्य के एक्सट्रीमली लार्ज टेलिस्कोप (ELT) का इस्तेमाल होगा. जब ये ग्रह अपने तारे के सामने से गुजरते हैं, तो उनकी रोशनी छनकर हम तक पहुंचती है. इसे ट्रांजिट मेथड कहते हैं. इससे वहां की हवा में मौजूद गैसों का पता चलता है. वैज्ञानिक वहां ऑक्सीजन, मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसों का कॉम्बिनेशन ढूंढेंगे. अगर ये गैसें एक खास अनुपात में मिलती हैं, तो यह वहां जीवन (पेड़-पौधे या सूक्ष्म जीव) होने का पक्का सबूत होगा. इसके साथ ही वैज्ञानिक रेडियो तरंगों की भी जांच करेंगे, ताकि पता चल सके कि क्या वहां कोई उन्नत सभ्यता रेडियो सिग्नल भेज रही है. इनमें से कई ग्रह हमसे सिर्फ कुछ प्रकाश वर्ष (Light Years) की दूरी पर हैं. हालांकि आज की रॉकेट तकनीक से वहां पहुंचने में हजारों साल लगेंगे, लेकिन टेलिस्कोप से उन्हें देखना संभव है. साथ ही इनमें से अधिकांश ग्रह रेड ड्वार्फ (Red Dwarf) तारों की परिक्रमा कर रहे हैं, जो हमारे सूरज से छोटे और ठंडे होते हैं, लेकिन अरबों सालों तक स्थिर रहते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि वहां जीवन का होना अपने आप में मानव इतिहास की सबसे बड़ी खोज होगी. यह साबित कर देगा कि पृथ्वी जैसा चमत्कार ब्रह्मांड में कहीं और भी हुआ है.
इस रिसर्च के प्रमुख शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सूची हमें उन जगहों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी, जहां सफलता की उम्मीद सबसे ज्यादा है. अब हम पूरे आसमान में भटकने के बजाय सीधे उन खिड़कियों में झांकेंगे, जहां से एलियंस हमें हाय-हैलो कह सकते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पहली बार है जब हमने इतनी सटीकता से संभावित जीवन वाले ग्रहों की सूची देखी है. हम आने वाले कुछ सालों में टेलिस्कोप की मदद से इन ग्रहों की सतह का केमिकल फिंगरप्रिंट ले पाएंगे. हालांकि, अभी वहां पहुंचना मुमकिन नहीं है, क्योंकि ये ग्रह हमसे कई प्रकाश वर्ष दूर हैं.
