बस्तर में 12 ठिकानों पर NIA की रेड, अरनपुर IED ब्लास्ट से जुड़ा मामला
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के 12 स्थानों पर छापेमारी की है। शुक्रवार, 7 नवंबर को तड़के एक साथ 12 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रतिबंधित CPI (माओवादी) संगठन के सशस्त्र कैडरों द्वारा किए गए IED ब्लास्ट और घात लगाकर किए गए हमले से संबंधित थी। यह वही घटना है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था- 26 अप्रैल 2023 को दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर इलाके में नक्सलियों ने DRG जवानों से भरी एक गाड़ी को IED ब्लास्ट से उड़ा दिया था, जिसमें वाहन चालक समेत 11 जवान शहीद हो गए थे। 25 अप्रैल 2023 को दंतेवाड़ा जिले के DRG की छह टीमों को नक्सल ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया था। करीब 300 से ज्यादा जवान इस ऑपरेशन में शामिल थे। जब जवान अरनपुर-समेली कैंप के बीच सड़क से वापस लौट रहे थे, तभी नक्सलियों ने पहले से ही सड़क पर 50 किलो से ज्यादा वजनी IED प्लांट कर रखा था। जैसे ही जवानों की गाड़ी वहां पहुंची, नक्सलियों ने रिमोट से ब्लास्ट कर दिया। धमाका इतना भीषण था कि वाहन के टुकड़े और जवानों के शरीर के हिस्से 60 से 70 मीटर दूर तक बिखर गए। सड़क पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा बन गया था।
घटना स्थल से करीब 80 मीटर लंबा तार जंगल की ओर बिछा मिला, जिससे पता चला कि ब्लास्ट की साजिश पहले से रची गई थी। इस हमले को नक्सलियों की “स्मॉल एक्शन टीम” ने अंजाम दिया था।
यह हमला छत्तीसगढ़ में नक्सलियों द्वारा किया गया हालिया सबसे घातक हमला था। शहीद जवानों की याद में पूरे राज्य में शोक का माहौल था, और केंद्र सरकार ने इसे “भारत की आंतरिक सुरक्षा पर हमला” बताया था। हमले के बाद मामला NIA को सौंपा गया था ताकि नक्सली नेटवर्क और उसके फंडिंग सिस्टम की तह तक जांच की जा सके।
