‘गोली चली ही नहीं, सिर्फ टियर गैस चली’, संसद में विपक्ष के आरोपों पर बोले जितेंद्र सिंह
भारी हंगामे और लंबी बहस के बीच एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास हो गया है. बुधवार सुबह हंगामे के चलते स्थगित हुई सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई, जिसके बाद बिल पर तीखा घमासान देखने को मिला. चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष रखते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली प्रोटेस्ट के दौरान केवल टियर गैस का इस्तेमाल हुआ था, कहीं कोई गोली नहीं चली’.
विपक्ष पर हमला बोलते हुए जितेंद्र सिंह ने प्रियंका गांधी के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें 152 बार पेपर लीक होने और 750 करोड़ बच्चों के प्रभावित होने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया की आबादी ही करीब 8 अरब है, तब इतने बच्चों के प्रभावित होने का दावा समझ से परे लगता है. लिखित स्क्रिप्ट में दर्ज ये आंकड़े या तो मनगढ़ंत हैं या फिर अज्ञानता का नतीजा हैं.
विपक्ष के उन आरोपों को खारिज करते हुए, जिनमें कहा जा रहा था कि 2024 में कानून बनने के बाद कोई कदम नहीं उठाया गया, जितेंद्र सिंह ने आंकड़े सामने रखे. उन्होंने स्पष्ट किया कि नया कानून लागू होने के बाद से ही सरकार पूरी सख्ती से काम कर रही है. पिछले दो सालों के भीतर इस कानून के तहत कुल 52 FIR दर्ज की जा चुकी हैं.
कार्रवाई की पूरी तस्वीर साफ करते हुए उन्होंने बताया कि इन 52 मामलों में से 29 केस प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट (Prevention of Unfair Means Act) यानी अनुचित साधनों की रोकथाम वाले कानून के तहत दर्ज किए गए हैं. वहीं बाकी बचे 23 मामले ‘भारतीय न्याय संहिता’ की धाराओं के तहत दर्ज हुए हैं. उन्होंने कहा कि जब इतने बड़े पैमाने पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं और जांच आगे बढ़ रही है, तब यह दावा करना पूरी तरह से गलत है कि सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी है.
प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को सुबह-सुबह 7, LKM के बाहर बैठना केवल निराशा और दबे हुए अरमानों का नतीजा था. आंदोलन में देरी से जुड़ने की वजह को उन्होंने ‘FOMO’ यानी पीछे छूट जाने का डर बताया.
काफिले और विदेश यात्रा से जुड़े बयानों का खंडन करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि गृह मंत्री के साथ 30 गाड़ियों का काफिला चलने की बात पूरी तरह काल्पनिक है. विदेश यात्रा से जुड़ी खबर में भी कोई सच्चाई नहीं है. बिना जांचे-परखे तथ्यहीन बातें कहकर सदन से चले जाना किसी जिम्मेदार नेता को शोभा नहीं देता.
