लोयोला स्कूल-प्रबंधन को राहत नहीं, 19.75 लाख टैक्स देना होगा: हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

बिलासपुर के लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने बिलासपुर नगर निगम की ओर से जारी 19.75 लाख रुपए के प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस को सही ठहराते हुए स्कूल प्रबंधन की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने यह फैसला सुनाया है। दरअसल, सरकंडा के राजकिशोर नगर चौक स्थित राजीव विहार के पास संचालित लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल का संचालन मध्य प्रदेश जेसुइट्स चैरिटेबल ट्रस्ट करता है। नगर निगम ने साल 2021 में संपत्ति कर बकाया होने पर स्कूल प्रबंधन को 19,75,745 रुपए जमा करने का नोटिस जारी किया था।

नगर निगम के जोन क्रमांक-7 ने अगस्त और सितंबर 2021 में टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया था। इसके खिलाफ स्कूल प्रबंधन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1961 की धारा 136(सी) के तहत आयकर अधिनियम की धारा 12(ए) में पंजीकृत शैक्षणिक और चैरिटेबल संस्थाओं को संपत्ति कर से छूट का प्रावधान है।

सुनवाई के दौरान स्कूल प्रबंधन ने 10 जुलाई 1974 का आयकर छूट प्रमाणपत्र पेश किया। नगर निगम ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह प्रमाणपत्र मध्य प्रदेश जेसुइट्स, कुनकुरी (तत्कालीन जिला रायगढ़) के नाम पर जारी है, न कि बिलासपुर स्थित लोयोला स्कूल के नाम पर।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कुनकुरी की संस्था और बिलासपुर का लोयोला स्कूल दो अलग-अलग इकाइयां हैं। बिलासपुर स्थित स्कूल के पास अपने नाम से आयकर अधिनियम की धारा 12(ए) का वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं है। ऐसे में वह दूसरी संस्था के प्रमाणपत्र के आधार पर कर छूट का लाभ नहीं ले सकता।

हाईकोर्ट की ओर से याचिका खारिज किए जाने के बाद अब बिलासपुर नगर निगम के लिए लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल से 19.75 लाख रुपए का संपत्ति कर वसूलने का रास्ता साफ हो गया है।