‘शोर होने दीजिए, तभी तो मजा है’, रोहित शर्मा ने रिटायरमेंट की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी
इंग्लैंड के खिलाफ रविवार (19 जुलाई) को लॉर्ड्स ओडीआई में रोहित शर्मा ने 138 रनों की पारी खेली. रोहित ने ऐतिहासिक पारी खेलकर बता दिया कि उनमें अब भी काफी क्रिकेट बचा हुआ है. पिछले कुछ दिनों से लगातार यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि लॉर्ड्स ओडीआई के जरिए रोहित इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहेंगे, लेकिन अब इन अटकलों पर फुलस्टॉप लग चुका है. मैच के बाद रोहित ने साफ संकेत दिया कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ भारतीय टीम के लिए प्रदर्शन करने पर है.
रोहित शर्मा ने अपने अंदाज में इन सभी चर्चाओं का जवाब दे दिया. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की ओर से शेयर किए गए वीडियो में पूर्व भारतीय कप्तान ने साफ कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में सिर्फ एक ही चीज पर ध्यान दिया है, वो है मैदान पर प्रदर्शन करना. बाकी शोर-शराबा उनके लिए कभी मायने नहीं रखता.
रोहित शर्मा ने कहा, ‘मेरा काम बल्ले से प्रदर्शन करना है. मैदान पर उतरना, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना और टीम के लिए खेलना. डेब्यू के दिन से मुझे यही जिम्मेदारी दी गई है और मैं वही करता रहूंगा.’
39 साल के रोहित शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद से ही उनके बारे में बातें होती रही हैं. कभी फॉर्म पर सवाल उठे, कभी कप्तानी पर, तो कभी करियर के भविष्य पर. लेकिन उन्होंने इन आवाजों को कभी अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया.
रोहित शर्मा कहते हैं, ‘जब से मैंने डेब्यू किया है, तब से यह शोर हमेशा रहा है. और जब तक मैं यहां हूं, तब तक यह चलता रहेगा. इससे मुझे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता. मेरे लिए सबसे अहम बात यह है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं और टीम की सफलता में कितना योगदान देता हूं. फिलहाल मेरा पूरा फोकस सिर्फ उसी पर है.’
रोहित ने अपने अंदाज में आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि चर्चाएं और बहसें क्रिकेट का हिस्सा हैं. रोहित ने बताया, ‘शोर होने दीजिए. अगर शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा. मेरा काम मैदान के अंदर है, बाहर क्या कहा जा रहा है, वह दूसरों का काम है. मैं इसे इसी नजरिए से देखता हूं.’
सिर्फ शब्दों से ही नहीं, रोहित शर्मा ने अपने बल्ले से भी आलोचकों को जवाब दे दिया. लॉर्ड्स में 388 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने रिकॉर्डतोड़ शतक जड़ा. यह उनके वनडे करियर का 34वां शतक था. उनकी इस पारी ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मुकाबलों में वह आज भी भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं.
हालांकि भारतीय टीम यह मुकाबला जीत नहीं सका और सीरीज 1-2 से गंवा बैठा, लेकिन रोहित शर्मा का संदेश बिल्कुल साफ था. रोहित का ध्यान रिटायरमेंट की चर्चाओं पर नहीं, बल्कि टीम इंडिया के लिए रन बनाने और मैच जिताने पर है.
