US-दक्षिण कोरिया के अभ्यास के बीच उत्तर कोरिया ने दागी मिसाइल!
उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त अभ्यास के बीच कई मिसाइलें दागी हैं। जापान ने भी मिसाइलें दागे जाने की पुष्टि की है। पश्चिम एशिया में विगत दो हफ्ते से जारी युद्ध के बीच उत्तर कोरिया की तरफ से हुई इस कार्रवाई के बाद वैश्विक ताकतों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, यह प्रक्षेपास्त्र उत्तर कोरिया के पूर्वी तट से समुद्र की ओर दागा गया। हालांकि, सेना ने इस संबंध में तत्काल कोई अतिरिक्त तकनीकी जानकारी साझा नहीं की। वहीं, जापान के तट रक्षक बल ने कहा कि प्रक्षेपास्त्र समुद्र में गिर गया प्रतीत होता है। जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके ने रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि यह जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर गिरा। यह प्रक्षेपण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने पांच दिन पहले, यानी 9 मार्च से, बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किए हैं। दोनों देश इन अभ्यासों को पूरी तरह रक्षात्मक बताते हैं और कहते हैं कि इनका उद्देश्य उत्तर कोरिया से उत्पन्न सैन्य खतरों के खिलाफ अपनी तैयारियों का परीक्षण करना है। लेकिन परमाणु शक्ति संपन्न उत्तर कोरिया लंबे समय से ऐसे संयुक्त अभ्यासों का विरोध करता रहा है। प्योंगयांग का मानना है कि इस तरह के युद्धाभ्यास उसके खिलाफ सशस्त्र आक्रामकता की तैयारी हैं, और वह इन्हें उकसावे की कार्रवाई मानता है।
उत्तर कोरिया ने अतीत में भी अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ऐसे में ताजा प्रक्षेपास्त्र परीक्षण को भी उसी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। यह कदम संकेत देता है कि प्योंगयांग क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर अपनी आक्रामक सैन्य मुद्रा बनाए हुए है।
इस बीच, उत्तर कोरिया के साथ रुके हुए संवाद को फिर से शुरू करने की कोशिशें भी जारी हैं। गुरुवार (12 मार्च) को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर कोरिया के साथ 2019 से ठप पड़े संवाद को दोबारा शुरू करने के तरीकों पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और बातचीत की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है।
