गरियाबंद में अश्लील डांस मामले में एक और बड़ी कार्रवाई, ओड़िशा की डांसर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ : गरियाबंद जिले के उरमाल में हुए अश्लील डांस मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. अब ओड़िशा की डांसर सुचित्रा जेना को उनके निवास ग्राम से गिरफ्तार किया गया. उन्हें थाना धर्मसाला, जिला जजपुर (ओडिशा) में पेश कर निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया. यह कार्रवाई 8 और 9 जनवरी को हुए आयोजनों के वीडियो और शिकायतों के आधार पर की गई है. मामले में आयोजकों सहित कई लोग पुलिस के रडार पर हैं, जबकि प्रशासन ने अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस ने डांसर को आयोजकों के खिलाफ दर्ज केस में सहआरोपी बनाया है. गिरफ्तारी धारा 296 और 3-5 बी.एन.एस. (भारतीय न्याय संहिता) के तहत की गई.

पुलिस टीम फिलहाल ओडिशा में ही मौजूद है और 9 जनवरी के आयोजन में शामिल डांसर निशा महाराणा की तलाश कर रही है. बताया गया है कि निशा ने कार्यक्रम से पहले वीडियो जारी कर भीड़ बढ़ाने की अपील भी की थी. इस वीडियो की भी जांच की जा रही है. 9 जनवरी को हुए कार्यक्रम में मैनपुर एसडीएम का डांसर पर नोट उड़ाते हुए वीडियो वायरल हो गया था. इसके बाद कलेक्टर ने एसडीएम को पद से हटाकर कलेक्ट्रेट अटैच कर दिया और 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए. बताया गया है कि कार्यक्रम की अनुमति खुद एसडीएम ने दी थी.

अश्लील डांस और नोट उड़ाने के मामले में गरियाबंद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अब तक कुल तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है. इनमें डिलोचन रावटे, शुभम चौहान और जय कंसारी शामिल हैं. एसपी ने एक और पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड किया है. एसपी बीएस उईके का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की आड़ में अश्लील डांस कराने वाले चार आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है.

मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर की अगुवाई में एक टीम बनाई है, जिसमें तहसीलदार अमलीपदर और थाना प्रभारी देवभोग शामिल हैं. टीम को संयुक्त जांच रिपोर्ट जल्द पेश करनी होगी. इस बीच देवभोग एसडीएम राम सिंह सोरी को मैनपुर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

अमलीपदर क्षेत्र के ग्राम उरमाल में 8 और 9 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अर्द्धनग्न और फूहड़ डांस होने के आरोप लगे. इसी कार्यक्रम में एसडीएम के नोट उड़ाने का वीडियो सामने आया था. मामले ने तूल पकड़ा तो अनुमति प्रक्रिया, पुलिस निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद लगातार कार्रवाई हो रही है.

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