CG : अनुदान मांगों की चर्चा में अफसर नदारद, सदन में हंगामा,नारेबाजी, भूपेश बोले- सभी विभाग में अफसर शाही
विधानसभा बजट सत्र के दौरान अनुदान मांगों की चर्चा पर सदन में हंगामा हो गया। उच्च शिक्षा और राजस्व विभाग के अधिकारी चर्चा के समय अनुपस्थित रहे, जिससे विपक्ष ने नाराजगी जताई। पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि अधिकारियों की सरकार के प्रति जवाबदेही खत्म हो गई है और मंत्री भी कभी-कभी चर्चा में देरी से आए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सभी विभागों में अफसरशाही व्याप्त है और अधिकारियों का जवाबदेही खत्म हो गई है। सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया, हंगामा और नारेबाजी के बीच विपक्ष ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
विधानसभा बजट सत्र के प्रश्नकाल में गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान, दुग्ध उत्पादन और मादा पशुओं की प्रजनन नीति जैसे अहम मुद्दों की गूंज रही है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, गर्भाधान नीति और टीकाकरण व्यवस्था पर सवाल उठाए।
चंद्राकर ने कहा, ‘दुग्ध उत्पादन में हम आत्मनिर्भर नहीं हैं, इस क्षेत्र में स्थिति बहुत दयनीय है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार आपकी है, काम आप नहीं कर पा रहे और आरोप हम पर लगा रहे हैं। इसी दौरान चिराग परियोजना और नए केंद्रों की स्थापना पर भी चर्चा हुई। विपक्षी नेता चरणदास महंत ने गांवों की बछिया और कृत्रिम गर्भाधान के मुद्दे को सामने रखा, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना की राशि और कार्यप्रगति पर सवाल किए। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने योजनाओं की स्थिति, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर जानकारी दी। सदन में 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगे, जिनमें कानून-व्यवस्था, किसानों और पशुपालकों से जुड़े सवाल शामिल थे।
