900 करोड़ के घोटाले में IAS सुबोध अग्रवाल के साथ इन अधिकारियों पर भी गिरी गाज
राजस्थान के जल जीवन मिशन केस में पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के रिटायर्ड होने के बाद उन पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। 900 करोड़ रुपये के इस घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB)अब पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। ACB ने जयपुर, बाड़मेर, दिल्ली, बिहार और झारखंड समेत 15 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में अभी तक नौ वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। अभी जांच जारी है, आगे इस बात से पर्दा उठेगा कि जनता के प्यास बुझाने के पैसे से किन-किन लोगों ने अपनी तिजोरियां भरीं, इस केस में अभी कई नामों के खुलासे बाकी है।
जल जीवन मिशन घोटाले में चीफ इंजीनियर (प्रशासन) दिनेश गोयल, चीफ इंजीनियर (ग्रामीण) केडी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता शुभांशु दीक्षित, वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा, मुख्य अभियंता नीरिल कुमार, निलंबित एक्सईएन विशाल सक्सेना, रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरुण श्रीवास्तव, रिटायर्ड मुख्य अभियंता डी.के. गौड़ और रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता महेंद्र प्रकाश सोनी का भी नाम उछला है। गिरफ्तार आरोपियों में एसीबी की पूछताछ जारी है।
बीते दिन पीएचईडी विभाग के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के पांच सितारा ताज लेक पैलेस से तड़के हिरासत में लिया गया। एसीबी को उनकी लोकेशन मिलने के बाद टीम होटल पहुंची थी। इसके बाद 17 फरवरी की सुबह करीब चार बजे उन्हें डिटेन कर जयपुर ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वे किसी बैठक में शामिल होने उदयपुर पहुंचे थे, जिसकी व्यवस्था कथित तौर पर एक कॉन्ट्रेक्टर ने की थी। इसी तरह बाड़मेर में भी फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी हुई। यहां रेलवे स्टेशन पर जोधपुर PHED में तैनात एक्सईएन विशाल सक्सेना मंगलवार सुबह 5 बजे विरात्रा माता के दर्शन की आस लेकर बाड़मेर पहुंचे थे। वे ट्रेन से उतरे ही थे कि स्टेशन पर पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। भक्ति का मार्ग अचानक सलाखों की ओर मुड़ गया और उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर जयपुर रवाना कर दिया गया।
जांच में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर करीब 960 करोड़ रुपये के ठेके दिए गए। आरोप है कि इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के नाम से जारी फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाणपत्रों के जरिए श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी और श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी को निविदाएं दिलाई गईं। कई जगह घटिया पाइप लगाए गए और अधूरे कार्यों का भी भुगतान कर दिया गया।
जेजेएम घोटाले में एसीबी की ओर से गिरफ्तारी शुरू हो गई है। इस केस में 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन सहित कुल 139 इंजीनियर्स जांच के रडार पर हैं। 15 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए आईएएस सुबोध अग्रवाल भी जांच के दायरे में हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में सुबोध अग्रवाल सहित अन्य अधिकारियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
