उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है। बरसात के बाद कईं नदियां उफान पर हैं। धारचूला में भारी बारिश से काली नदी का प्रवाह शुक्रवार रात को कुछ देर के लिए रुक गया था, लेकिन शनिवार को नदी ने जमकर तबाही मचाई। भारी बरसात की वजह से 37 घरों में मलबा घुस गया है।
काली नदी के उफान पर आने के बाद एक मकान भरभराकर नदी में समा गया। मकान के धवस्त होने का पूरा मंजर कैमरे में भी कैद हुआ। नदी के उफान पर आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बरसात के बाद मलबे में दबकए एक महिला की मौत भी हो गई है।बरसात के बाद पहाड़ी से गिरे मलबे ने काली नदी का प्रवाह रोक दिया, जिससे यहां नदी में झील बन गई है।
झील बनने से खोतिला गांव खतरा और बढ़ गया है। धारचूला में बीती रात 1 बजे से भारी बारिश के बाद काली नदी उफान में आ गई। इस दौरान नेपाल की तरफ से हुए भूस्खलन के बाद कुछ देर के लिए नदी का प्रवाह थम गया। बताया जा रहा है की पानी अधिक भर जाने के बाद नदी ने नेपाल की तरफ रुख मोड़ लिया है। घरों में मलबा आने के बाद जिला मुख्यालय से रेस्क्यू टीम रवाना की गई है।
स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुट गया है। जबकि, नेपाल के छापली में भारी बारिश से भारत के धारचूला में भी जमकर तबाही मची। नेपाल के छापली में 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि राहत व बचाव का कार्य जारी है। रेसक्यू के लिए एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर भेजी गईं हैं।
पिथौरागढ़ में चार बॉर्डर रोड सहित 19 सड़कें बंद
पिथौरागढ़ में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां बारिश के बाद चार बॉर्डर रोड पिथौरागढ़-तवाघाट, तवाघाट-सोबला, तवाघाट-घटियाबगड़, घटियाबगड़-गुंजी सहित 19 सड़कें बंद हैं। इन सड़कों के बंद रहने से 50 हजार से अधिक की आबादी को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
वहीं भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली बॉर्डर रोडों के बंद रहने से दारमा, व्यास व चौदास घाटियों का सड़क संपर्क कटा है। हालांकि बीआरओ व अन्य कार्यदाई संस्थाएं सड़क खोलने में जुटी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जल्द सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नेपाल के लासको गदेरे में बादल फटने से भारी तबाही मची है। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में भी कई मकानों के ध्वस्त होने की खबरें आ रही हैं pic.twitter.com/FfCerYmGpM
— Drug-free Devbhoomi (@dfdsociety) September 10, 2022