छत्तीसगढ़ में सिलेंडर की ऑनलाइन-बुकिंग बंद,सर्वर-डाउन, मिस्ड-कॉल सर्विस ठप, एजेंसी-गोदामों के बाहर लाइनें
अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर सहित छत्तीसगढ़ में LPG गैस सिलेंडर की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, सरगुजा समेत अन्य जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ लग रही है। उपभोक्ता धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच सर्वर भी ठप हो जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। फिलहाल ऑनलाइन और मिस्ड कॉल के जरिए गैस सिलेंडर बुकिंग भी बंद कर दी गई है। वहीं बुकिंग करने के बाद भी उपभोक्ताओं को करीब 10-12 दिनों बाद सिलेंडर की डिलीवरी मिलने की बात कही जा रही है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच राजधानी रायपुर में एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जब्त सिलेंडरों में घरेलू (डोमेस्टिक) और कॉमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडर शामिल हैं।
रायुपर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त जांच टीम ने गुरुवार को अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार स्थित कमल होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं बाबूलाल चिकन सेंटर में भी घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर 3 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए। इसी तरह अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पकड़ी गई। यहां से 14.2 किलोग्राम क्षमता के 26 घरेलू सिलेंडर, 19 किलोग्राम क्षमता के 2 व्यावसायिक सिलेंडर और 5 किलोग्राम क्षमता के 4 सिलेंडर जब्त किए गए। इसके अलावा खाद्य विभाग की टीम ने कोरासी इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी की भी जांच की, जहां रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 14.2 किलोग्राम क्षमता के 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम क्षमता के 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर कम पाए गए।
इस अनियमितता के चलते एजेंसी के गोदाम में उपलब्ध कुल 355 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की सुपुर्दगी में दिया गया है। मामले में एलपीजी (वितरण और विनियमन) आदेश 2000 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
