ओवैसी बोले- मोदी की विचारधारा में इजराइल के लिए प्यार, हमने हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ बोला

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन(AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी का इजराइल के लिए प्यार उनकी विचारधारा से जुड़ा है। हैदराबाद में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि मोदी को अपने भाषण में इजराइली आतंकवाद के बारे में भी बोलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि AIMIM ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ हमेशा बोला है। मोदी 25 फरवरी को अपने 2 दिन के दौर पर इजराइल पहुंचे थे। पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को भी संबोधित किया। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ दिया गया। मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। ओवैसी की ये टिप्पणी इसी दौरे को लेकर आई।

ओवैसी ने कहा – गाजा में 73,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में 36,000 छोटे बच्चे और करीब 15,000 महिलाएं थीं। क्या गाजा में मारे गए सभी लोग हमास के सदस्य थे? हजारों इमारतें गिरा दी गईं और इतना मलबा है कि उसे साफ करने में 10 साल लग सकते हैं। गाजा में जो हो रहा है, क्या उसे आतंकवाद नहीं कहा जाना चाहिए?
शेख हसीना को वापस भेजने से बांग्लादेश के साथ मुद्दे सुलझाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी का इजरायल के प्रति झुकाव विचारधारा से जुड़ा है।
1975 में मुंबई में इजरायली कॉन्सुलेट जनसंघ नेताओं से मिला था। नाथूराम गोडसे के भाई गोपाल गोडसे ने 1973 में इजरायली कॉन्सुलेट से मुलाकात कर मुसलमानों के खिलाफ सामग्री प्रकाशित करने के लिए समर्थन मांगा था।
ग्लोबल साउथ के देश मोदी के इजरायल के साथ रिश्तों को लेकर चिंतित हैं। अगर मोदी युद्ध का विरोध करते हैं, तो उन्हें अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित हमले की अटकलों के खिलाफ भी बोलना चाहिए था।
जायोनिज्म और RSS की विचारधारा एक जैसी है और दोनों नफरत पर आधारित हैं। 1962 के चीन-भारत युद्ध के दौरान देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इजरायल से हथियार लिए थे।