जंग का सबसे दर्दनाक मंजर.. ईरान की सड़कों पर एक साथ निकला 165 छात्राओं का जनाजा

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान को धुआं-धुआं कर दिया है. इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए ईरान भी जबरदस्त कार्रवाई कर रहा है. लेकिन इस चार दिन की जंग का सबसे स्याह पहलू रहा, जब ईरान के मिनाब में एक स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 160 से ज्यादा स्कूली बच्चियों की मौत हो गई. आज इन बच्चियों के लिए जनाजे की नमाज पढ़ी गई और उन्हें दफन किया गया. ईरान में आज जब एक साथ कतार में इन बच्चियों के ताबूत रखे गए तो पूरा शहर मातम में डूब गया. जनाजे की नमाज के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए. मिनाब शहर में ही सामूहिक जनाजे की नमाज अदा की गई. शहर के मुख्य मैदान और आसपास की मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए.

इस दौरान एक साथ इन बच्चियों का जनाजा निकला. इसके बाद इन बच्चियों के लिए नमाज-ए-जनाजा पढ़ी गई और शवों को दफनाया गया. स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग अंतिम विदाई में शामिल होने पहुंचे. ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के मिनाब में 28 फरवरी को स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें 165 बच्चियों की मौत हो गई. आज इन बच्चियों का जनाजा एक साथ निकला और उन्हें अंतिम विदाई दी गई.

स्कूल परिसर पर हुए हमले में इमारत का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. बचाव दल ने घंटों मलबा हटाने का अभियान चलाया. राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद मृतकों की संख्या 165 बताई गई, जिनमें अधिकांश प्राथमिक कक्षा की छात्राएं थीं.

जनाजे के दिन मिनाब शहर में बाजार बंद रहे. शोक में डूबे नागरिकों ने काली पट्टियां बांधकर विरोध दर्ज कराया. कई जगहों पर शांति मार्च निकाले गए. मस्जिदों में विशेष दुआएं की गईं.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, स्कूल परिसर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. अन्य शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. इस हमले ने न केवल मिनाब बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है.