आतंकी संगठन जैसी हो गई PAK फौज! पत्रकार का दावा- पूर्व आर्मी चीफ बाजवा ने कहा था- ‘मेंटल है मुनीर’
पाकिस्तान का आर्मी चीफ इन दिनों हज की यात्रा पर है. खुदा जाने वो क्या दुआएं मांग रहा होगा. क्योंकि पाकिस्तान में ये शोर खुलेआम सुनाई दे रहा है- ‘पाकिस्तान की आर्मी, आतंकी संगठन की तरह काम कर रही है’. ‘आसिम मुनीर अब एक सनकी तानाशाह बन चुका है’ और ‘मुनीर अपनी आवाम का खून बहता देखता है, तो खुश होता है.’ ऐसे आरोप न्यूज़ चैनलों पर पाकिस्तानी पत्रकार खुलेआम लगा चुके हैं.
इन्हीं आरोपों के बीच आसिम मुनीर की मेंटल हेल्थ को लेकर 4 साल पहले की गई पूर्व आर्मी चीफ जनरल बाजवा की वो टिप्पणी सुर्खियों में है, जब उन्होंने आगाह किया था- ‘ये बंदा एक दिन मुल्क को तबाह कर देगा.’ पाकिस्तानी न्यूज़ पोर्टल्स पर दावा किया जा रहा है कि पूरा पाकिस्तान सिर्फ एक शख्स की सनक का खामियाजा भुगत रहा है. ऐसा सनकी फील्ड मार्शल, जो जब चाहे किसी धरना-प्रदर्शन पर सीधे एके-47 चलाने का ऑर्डर दे दे. लाठी चार्ज तो आम बात है. अपनी सनक में वो पाकिस्तानी सेना को भी मरने के लिए छोड़ दे.
इसकी सबसे बड़ी मिसाल तो बलोचिस्तान और पीओके है, जहां आजादी के लिए लड़ रही बलोच आर्मी और अधिकारों के लिए लड रहे पीओके के लोगों का आसिम मुनीर ने खुलेआम कत्लेआम कराया है.
पीओके में विद्रोह कुचलने के लिए मुनीर ने जो खूनी हथकंडे अपनाए, वो पूरी दुनिया ने देखा. लेकिन मुनीर ना सिर्फ फील्ड मार्शल के ओहदे पर काबिज है, बल्कि इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे समर्थकों के साथ सख्ती के खुलेआम ऑर्डर दे रहा है.
पाकिस्तानी पत्रकारों का कहना है कि मीडिया को भी नहीं बख्शा जा रहा है. नीचे एक्स पर पोस्ट एक वीडियो में आप देख सकते हैं, इमरान खान की रिहाई के लिए हुए प्रोटेस्ट को कवर करने गए पत्रकारों को मुनीर ने पिटवा दिया.
यानी पाकिस्तान में बैठे किसी शख्स ने अगर मुनीर का ऑर्डर नहीं माना, तो उसका हश्र ऐसा ही होगा. ये तो हिटलरशाही है.
कुछ समय पहले पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार मोईद पीरजादा ने आसिम मुनीर की तुलना हिटलर से करते हुए कहा था कि वो इसलिए पाकिस्तान में नहीं रहना चाहते क्योंकि मुनीर की हिटलर जैसी सनक पाकिस्तान को किस तरफ ले जा रही है, वो खतरनाक है.
उन्होंने ये भी कहा था- ‘अगर रियासत का मतलब फौज है, तो फौज के हाथ पाकिस्तानी लोगों के खून से रंगे हैं. जो एक दहशतगर्द तंजीम है. ये एक आतंकवादी संगठन है.’
जबकि इसके पहले वाले सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने साफ कह दिया था- ‘‘गलती से भी इस आसिम मुनीर को पाकिस्तान का आर्मी चीफ मत बनाना! इसका दिमाग खराब है, ये मानसिक रूप से स्टेबल नहीं है.’
दरअशल बाजवा को तभी अंदाजा हो गया था, कि मुनीर इस मुल्क को तबाही की इस गर्त में धकेलेगा, जब उन्होंने मुनीर को तरक्की देकर टॉप तक पहुंचाया. कुछ ही दिनों में बाजवा को भी समझ आ गया था कि मुनीर की वर्दी के पीछे एक खूंखार हैवान छिपा बैठा है.
जनरल बाजवा तब पाकिस्तान के आर्मी चीफ थे, जब इमरान खान प्रधानमंत्री हुआ करते थे. बाजवा की चेतावनी उन्होंने अपने घर पर हुई पाकिस्तानी पत्रकारों की एक बैठक में शेयर की थी.
22 अगस्त 2022 की बैठक में इमरान ने कहा था कि जनरल कमर जावेद बाजवा उनके पास आए थे और अकेले में बहुत डरे हुए लहजे में कहा था कि आसिम मुनीर को कभी भूलकर भी आर्मी चीफ मत बनाना. वो जहनी तौर पर बिल्कुल भी स्टेबल नहीं है. सनकी है. अगर गलती से भी वो सेना प्रमुख बन गया तो यह बंदा पूरे पाकिस्तान को तबाह कर देगा, मुल्क में ऐसा टर्बुलेंस लाएगा कि संभाले नहीं संभलेगा
आज पाकिस्तान जिस भयानक बर्बादी, महंगाई और खूनी बगावत के दौर से गुजर रहा है, वो आसिम मुनीर की उसी दिमागी अस्थिरता का नतीजा है. बाजवा की वो चेतावनी आज पाकिस्तान के गले का फंदा बन चुकी है.
