कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान की फजीहत! 21 खिलाड़ियों की टीम, फिर भी 1 मेडल… बांग्लादेश का खाता भी नहीं खुला

ग्लासगो में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. 21 खिलाड़ियों का दल उतारने के बावजूद पाकिस्तान की झोली में सिर्फ एक कांस्य पदक आया. यह कांस्य पदक महिला मुक्केबाज फातिमा जहरा ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में जीता और पाकिस्तान की लाज बचाई. इसके साथ ही फातिमा जहरा कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाली पाकिस्तान की पहली महिला बॉक्सर भी बन गईं. फातिमा के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का सम्मान करते हुए पाकिस्तान ने उन्हें समापन समारोह में अपने देश का ध्वजवाहक भी बनाया. फातिमा के कांस्य की बदौलत पाकिस्तान अंकतालिका में संयुक्त रूप से 36वें नंबर पर रहा.

कॉमनवेल्थ गेम्स में पिछले 36 वर्षों में पाकिस्तान का ये सबसे खराब प्रदर्शन रहा. साल 1998 में पाकिस्तान ने सिर्फ एक रजत पदक जीता था, जबकि 1990 में उसे कोई भी पदक नहीं मिला था. ऐसे में 2026 का प्रदर्शन पिछले साढ़े तीन दशक का सबसे खराब माना जा रहा है.

जहां पाकिस्तान सिर्फ एक कांस्य पदक जीत पाया, वहीं भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 39 पदक अपने नाम किए. भारत के खाते में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक आए. भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा. भारतीय मुक्केबाजों ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया और 14 में से 10 बॉक्सर्स पदक जीतने में सफल रहे.

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा और 171 पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया. इंग्लैंड (110 पदक) दूसरे और कनाडा (62 पदक) तीसरे नंबर पर रहा. बांग्लादेश ने भी इन खेलों में अपना 15 सदस्यीय दल भेजा था, लेकिन वो एक भी पदक नहीं जीत सका. यानी बांग्लादेश का हाल तो पाकिस्तान से भी बुरा रहा.

2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान ने 7 पदक (2 स्वर्ण, 3 रजत, 2 कांस्य) जीते थे. उसकी तुलना में इस बार का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. पाकिस्तान की सबसे बड़ी उम्मीद ओलंपिक चैम्पियन अरशद नदीम थे, जो उद्घाटन समारोह में देश के ध्वजवाहक भी बने. उन्होंने 78.63 मीटर के थ्रो के साथ मेन्स जैवलिन थ्रो के फाइनल में जगह बनाई. लेकिन फाइनल में 77.41 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास ही कर सके और नौवें स्थान पर रहे.

इसके साथ ही अरशद नदीम बर्मिंघम 2022 में जीता अपना कॉमनवेल्थ खिताब बचाने में नाकाम रहे. वहीं दूसरे भाला फेंक खिलाड़ी यासिर सुल्तान 74.36 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ क्वालिफिकेशन में 14वें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह नहीं बना सके. जूडो में पाकिस्तान की एक और बड़ी उम्मीद शाह हुसैन शाह पहले ही मुकाबले में हारकर बाहर हो गए. इसके अलावा एथलेटिक्स, भारोत्तोलन, कलात्मक जिमनास्टिक, बाउल्स और तैराकी में भी पाकिस्तान के खिलाड़ी पदक जीतने में नाकाम रहे.