पाकिस्तान में ईरान युद्ध का असर, 55 रुपये बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच एक सप्ताह पहले शुरू हुए युद्ध का असर अब दुनिया पर दिखने लगा है। ईरान के पड़ोसी पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल का संकट खड़ा हो गया है। मिडिल ईस्ट में संकट को देखते हुए पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 55 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। बढ़े हुए दाम 7 मार्च को को आधी रात के बाद लागू होगें। पाकिस्तान में पेट्रोल पंप पर तेल लेने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब ईरान ने युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को चोक कर दिया है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई लाइन रुक गई है। ईरान और ओमान के बीच इस जलडमरूमध्य से दुनिया की 80 फीसदी ऊर्जा सप्लाई गुजरती है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कीमतें बढ़ाने का जानकारी शुक्रवार देर रात इमरजेंसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई। इसे उप्र प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने संबोधित किया। कीमतों में वृद्धि के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 321.17 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल के कीमत PKR 335.86 प्रति लीटर हो गई है। तेल की कीमतों के बढ़ने की खबर आते ही पाकिस्तान में अफरा-तफरी मच गई। लाहौर, कराची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पर आधी रात में लोग तेल लेने पहुंचने लगे, जिससे सैकड़ों मीटर तक लंबी लाइनें लग गईं।
पाकिस्तान में तेल को लेकर संकट से निकालने के लिए भारत के दोस्त रूस ने मदद का हाथ बढ़ाया है। ग्लोबल एनर्जी एक्सपर्ट डॉ. ममदौह जी सलामेह ने स्पुतनिक को बताया कि 733,000 बैरल रूसी कच्चे तेल का एक शिपमेंट पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है। पाकिस्तान लंबे समय से सऊदी अरब और UAE से कच्चे तेल के आयात पर निर्भर रहा है, लेकिन ईरान युद्ध ने इस सप्लाई लाइन पर खतरा पैदा कर दिया है।
